उत्तराखण्ड
“हुक्मरानों के दलालों का खेल, रिश्वतखोरी की जड़ों में लगी चोट!”
“हुक्मरानों के दलालों का खेल खत्म, रिश्वतखोरी की जड़ों में लगी चोट!”
बाजपुर तहसील में रिश्वत का खेल खेलने वाले कानूनगो मोहन सिंह का गुरूर आखिरकार धूल चाट गया! उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने उसे 3,500 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकारी दफ्तरों में बैठे कुछ दलाल आम आदमी को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
“तहसील का दफ्तर बना था वसूली का अड्डा”
शिकायतकर्ता की जमीन का मामला न्यायालय में लंबित था, जिसमें कुमाऊं कमिश्नर ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया था। लेकिन इंसाफ मिलने के बावजूद जब उसने तहसील कार्यालय में अपना नाम दर्ज करवाने की कोशिश की, तो रजिस्ट्रार कानूनगो ने इंसाफ की कीमत वसूली में जुट गया। रिश्वत की गंध फैलने के बाद पीड़ित ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद ट्रैप टीम ने उसे दबोच लिया।
“कानूनगो की गिरफ्तारी से खुली भ्रष्टाचार की पोल”
तहसील में बैठकर घूसखोरी का धंधा करने वाले इस कानूनगो की गिरफ्तारी यह बताने के लिए काफी है कि सिस्टम में अब भी कई भ्रष्ट लोग बैठे हैं, जो अपने पद का इस्तेमाल आम जनता को लूटने में कर रहे हैं। इस ट्रैप ऑपरेशन ने यह साफ कर दिया है कि अब रिश्वतखोरों की खैर नहीं।
“क्या यह अकेला मोहरा था, या पूरी एक लूटखोरी की चेन?”
सवाल उठता है कि क्या कानूनगो अकेला इस खेल में शामिल था या फिर तहसील के बड़े अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में हिस्सेदार थे? इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को तहसील के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना चाहिए, ताकि ऐसे सफेदपोश दलालों की पोल खुल सके।
“रिश्वतखोरों सावधान, अब ‘एटम बम’ फटेगा!”
‘एटम बम’ की पैनी नजरें उन सभी दलालों पर हैं, जो जनता को लूटकर अपनी जेबें भर रहे हैं!




