उत्तराखण्ड
“भाजपा पार्षद निकला कुख्यात वाल्मीकि गैंग का गुर्गा – करोड़ों की जमीन कब्जाने के खेल में गिरफ्तार”
हरिद्वार में दहशत फैलाने वाला कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग बेनकाब, दो सदस्य दबोचे
देहरादून/हरिद्वार, 28 अगस्त:
हरिद्वार में करोड़ों की जमीनों और पार्किंगों पर कब्जा जमाने वाला कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। एसटीएफ ने गैंग के दो शातिर गुर्गों—मनीष उर्फ बाँलर और पंकज अष्टवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों के खिलाफ थाना गंगनहर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग हत्या, रंगदारी और फर्जीवाड़े के जरिए करोड़ों की संपत्तियों पर कब्जा कर चुका है। गैंग का सरगना प्रवीण वाल्मीकि, जो इस वक्त सितारगंज जेल में बंद है, वहीं से अपने गुर्गों को हरिद्वार में संपत्ति कब्जाने और अवैध कारोबार चलाने के निर्देश दे रहा था।
हत्या से लेकर फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी तक का खेल
मामला रुड़की के ग्राम सुनेहरा का है, जहां श्याम बिहारी नामक व्यक्ति की 2014 में मौत हो गई थी। उसकी करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने 2018 में श्याम बिहारी के भाई कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद जब संपत्ति की देखरेख रेखा (श्याम बिहारी की पत्नी) करने लगी, तो गैंग ने उसे डराकर जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश की।
रेखा के इनकार करने पर 2019 में गैंग ने उसके भाई सुभाष पर गोली चलवाई। डर और दहशत के चलते पूरा परिवार क्षेत्र छोड़कर भाग गया। इसके बाद गैंग ने फर्जी रेखा और फर्जी स्नेहलता बनाकर जाली पॉवर ऑफ अटॉर्नी तैयार की और जमीन को औने-पौने दामों में बेच डाला। इस धंधे में मनीष बाँलर और पंकज अष्टवाल की अहम भूमिका थी।
जेल से भी चलता रहा गैंग का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि 2022 में हरिद्वार जेल में रहते हुए प्रवीण वाल्मीकि और सुनील राठी ने भी एक बड़ी संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची थी। कनखल में संदीप उर्फ एरोन की 3.5 करोड़ की संपत्ति को गैंग ने मात्र 50–60 लाख दिखाकर कब्जाने का प्लान बनाया। हालांकि सुनील राठी के दबाव में यह डील बाद में टूट गई।
राजनीति से भी कनेक्शन
गिरफ्तार आरोपी मनीष उर्फ बाँलर न सिर्फ गैंग का सक्रिय सदस्य है, बल्कि भाजपा का नगर निगम पार्षद है। जैसे ही इस मामले में उसका नाम सामने आया, भाजपा ने उसे तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
- मनीष उर्फ बाँलर पुत्र स्व. प्रदीप कुमार, निवासी ऋषिनगर नई बस्ती, ग्राम सुनेहरा, रुड़की हरिद्वार (उम्र 40 वर्ष)
- पंकज अष्टवाल पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नं. 40, ग्राम सुनेहरा, रुड़की हरिद्वार (उम्र 30 वर्ष)
आगे की जांच
एसटीएफ का कहना है कि अभी तक सिर्फ दो सदस्यों को पकड़ा गया है, लेकिन गैंग द्वारा कब्जाई गई अन्य जमीनों और संपत्तियों की भी जांच चल रही है। आने वाले दिनों में गैंग से जुड़े और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
यह साफ है कि हरिद्वार में प्रवीण वाल्मीकि गैंग सिर्फ जमीन ही नहीं हड़प रहा था, बल्कि हत्या, खून-खराबे और राजनीति की आड़ में पूरे इलाके में दहशत का कारोबार चला रहा था।







