उत्तराखण्ड
देहरादून में जमीनी माफिया गिरोह धराशायी — दंपति समेत पांच गिरफ्तार, डेढ़ दर्जन मुकदमों का काला इतिहास
देहरादून में जमीनी माफिया गिरोह धराशायी — दंपति समेत पांच गिरफ्तार, डेढ़ दर्जन मुकदमों का काला इतिहास
देहरादून: राजधानी में लंबे समय से ज़मीन कब्जाने और लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने वाले कुख्यात गिरोह पर शिकंजा कस गया है। रानीपोखरी थाना क्षेत्र के शान्तिनगर में सक्रिय इस गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए आरोपी कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि पूरा परिवार है—पति, पत्नी, उनके बेटे और बहुएं तक इस काले धंधे में शामिल रहे हैं।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता अल्का सिंघल, निवासी खुड़बुड़ा देहरादून ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 2016 में शांतिनगर, रानीपोखरी में जमीन खरीदी थी। लेकिन पड़ोस में रहने वाली तारा देवी और उसके परिजनों ने उस ज़मीन को अपना बताते हुए कब्जा करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उन्हें जान से मारने और SC/ST एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
इस शिकायत पर थाना रानीपोखरी में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों का यह पहला कारनामा नहीं था। गिरोह का लंबा-चौड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है और ये लगातार भोले-भाले लोगों को धमकाकर उनकी जमीन हड़पने में लिप्त रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- कमलस्वरूप पुत्र गंगाराम निवासी शान्तिनगर, रानीपोखरी
- तारादेवी पत्नी कमलस्वरूप
- अजय कुमार पुत्र कमलस्वरूप
- विकास उर्फ विक्की पुत्र कमलस्वरूप
- सोनी देवी पत्नी विकास
आपराधिक कनेक्शन
इन पांचों आरोपियों पर धोखाधड़ी, मारपीट, ज़मीन कब्जा, धमकी और जालसाजी से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इन मामलों में धोखाधड़ी से लेकर हत्या के प्रयास और जमीन कब्जे तक के गंभीर आरोप शामिल हैं।
यानी साफ है कि यह पूरा परिवार पेशेवर अपराधी की तरह लोगों की ज़िंदगी और मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा था। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद यह गिरोह सलाखों के पीछे हैं.







