उत्तराखण्ड
रामनगर में पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री से माफी और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग
रामनगर। राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच शनिवार देर शाम रामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक रणजीत रावत ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारा लगाया, “धर्मेन्द्र प्रधान तो झांकी हैं, मोदी की माफी बाकी है।” कार्यकर्ताओं ने कहा कि पेपर लीक प्रकरण ने लाखों छात्रों के भविष्य पर असर डाला है और इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पूर्व विधायक रणजीत रावत ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलन की केवल एक मांग पूरी होने के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन अभी दो प्रमुख मांगें बाकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरे घटनाक्रम पर देश से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस बर्बरता की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र-युवा अपने भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि इन मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मामला
हाल के दिनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों के बीच असंतोष देखने को मिला। इसी मुद्दे को लेकर कई स्थानों पर छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किए। कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
इसी घटनाक्रम के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर रहा और उनके इस्तीफे की मांग उठाता रहा। कांग्रेस का कहना है कि केवल मंत्री पद पर बदलाव से मामला समाप्त नहीं होगा, बल्कि पूरे प्रकरण की जवाबदेही तय करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने की आवश्यकता है।
राजनीतिक माहौल गरम
रामनगर का यह प्रदर्शन भी उसी राष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें विपक्ष पेपर लीक, छात्रों के भविष्य और आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।




