उत्तराखण्ड
कांग्रेस की रैली से पहले नैनीताल SSP के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा, पुलिस दफ्तर में धरने पर बैठे नेता; लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस की रैली से पहले नैनीताल SSP के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा, पुलिस दफ्तर में धरने पर बैठे नेता; लगाए गंभीर आरोप
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में प्रस्तावित रैली में शामिल होने जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के वाहनों को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद नैनीताल जिले की सियासत अचानक गरमा गई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पुलिस कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठकर SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को पार्टी की रैली को प्रभावित करने का प्रयास बताते हुए SSP पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने SSP को लेकर बेहद तीखी टिप्पणियां भी कीं।
‘SSP भाजपा के एजेंट की तरह कर रहे काम’
धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस की रैली में कार्यकर्ताओं की भागीदारी रोकने के लिए पुलिस द्वारा जगह-जगह वाहनों को रोका जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने SSP के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ‘भाजपा का एजेंट’ तक बताया।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने SSP पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘भाजपा जिलाध्यक्ष’ तक कह दिया। उनका आरोप था कि SSP पुलिस अधिकारी की भूमिका के बजाय भाजपा जिलाध्यक्ष की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए और गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने SSP मंजूनाथ टीसी पर इससे भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि SSP कांग्रेस से जुड़े लोगों को मुख्यमंत्री से मिलवाकर उन्हें भाजपा में शामिल कराने का काम कर रहे हैं।
गोदियाल के इस बयान के बाद पुलिस प्रशासन और कांग्रेस के बीच विवाद और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता नजर आया।
हालांकि, कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी खोला मोर्चा
सदन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी SSP पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव का हिस्सा प्रतीत हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपना रवैया नहीं बदला तो पार्टी इस मुद्दे को और अधिक मजबूती से उठाएगी।
वाहनों को रोके जाने पर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस की रैली में शामिल होने के लिए नैनीताल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता वाहनों और बसों से रवाना हो रहे थे।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कार्यकर्ताओं से भरी बसों और अन्य वाहनों को पुलिस द्वारा रोका गया, जिससे पार्टी में नाराजगी फैल गई। कांग्रेस ने इसे रैली में कार्यकर्ताओं की संख्या कम करने और कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश बताया।
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पुलिस कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने कहा—सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर रोका गया
वहीं, पुलिस ने कांग्रेस के राजनीतिक आरोपों को खारिज किया है।
SP जगदीश चंद्र ने कहा कि वाहनों को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कुछ समय के लिए रोका गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाद में सभी वाहनों को जाने दिया गया।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर आवश्यक व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों को निराधार बताया।
धरने के बाद वाहनों को मिली अनुमति
विवाद के बीच पुलिस द्वारा रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वाहनों को बाद में आगे जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने नैनीताल पुलिस और कांग्रेस के बीच पहले से चल रही राजनीतिक तनातनी को एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कांग्रेस जहां इसे राजनीतिक हस्तक्षेप और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बता रही है, वहीं पुलिस प्रशासन इसे सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सामान्य कार्रवाई बता रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा SSP मंजूनाथ टीसी पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर आगे कोई राजनीतिक या प्रशासनिक कार्रवाई होती है या नहीं।





