उत्तराखण्ड
रामनगर में नशे का कारोबार: गांजे की पुड़िया बनाते दो महिलाएं समेत पांच गिरफ्तार
रामनगर में नशे का कारोबार बेनकाब, 7.553 किलो गांजा बरामद; दो महिलाएं समेत पांच गिरफ्तार
रामनगर। नशे का कारोबार अब सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं रह गया है। रामनगर के गुल्लरघट्टी क्षेत्र में सामने आए एक मामले ने इस कड़वी हकीकत को फिर उजागर किया है। पुलिस के मुताबिक, गांजे की तस्करी और उसकी बिक्री की तैयारी में दो महिलाएं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान कुल 7.553 किलोग्राम अवैध गांजा, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और गांजे की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाली पन्नियां बरामद होने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को गुल्लरघट्टी नई बस्ती क्षेत्र में संदिग्ध स्थानों पर तलाशी और छापेमारी की गई। इस दौरान कामेश त्यागी के कमरे से 800 ग्राम गांजा, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और पुड़िया बनाने वाली पन्नियां बरामद हुईं। पुलिस का कहना है कि कामेश मौके पर गांजे की पुड़िया तैयार कर रहा था।
इसी तरह विजय सागर के कमरे से 465 ग्राम और भरत उर्फ बब्लू के कमरे से 975 ग्राम गांजा तथा पन्नियां बरामद होने की बात सामने आई है।
पति के बाद पत्नी भी नशे के कारोबार में?
सबसे चौंकाने वाला मामला अजीम के घर की तलाशी के दौरान सामने आया। पुलिस के मुताबिक, वहां उसकी पत्नी नाजिया गांजे की पुड़िया बनाते हुए मिली और उसके कब्जे से 3.798 किलोग्राम गांजा तथा पन्नियां बरामद हुईं।
वहीं नगमा के कब्जे से 1.405 किलोग्राम गांजा और उसकी पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाली पन्नियां बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।
यानी कुल बरामदगी में सबसे बड़ी मात्रा भी महिला आरोपी नाजिया के कब्जे से बताई गई है। यह मामला सिर्फ गांजे की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि नशे के इस अवैध कारोबार में महिलाएं किस हद तक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
महिलाओं को अक्सर परिवार और समाज की सुरक्षा तथा संस्कारों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अपराध की दुनिया में तस्वीर हमेशा इतनी सीधी नहीं होती। अगर पुलिस के दावे सही हैं तो यहां महिलाएं केवल किसी पुरुष आरोपी की रिश्तेदार भर नहीं, बल्कि नशे की खेप को बिक्री योग्य पुड़ियों में तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा थीं।
पांच गिरफ्तार, एक का पहले भी आपराधिक इतिहास
पुलिस ने कामेश त्यागी, भरत उर्फ बब्लू, विजय सागर, नाजिया और नगमा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कामेश त्यागी के खिलाफ रामनगर कोतवाली में पहले से एनडीपीएस एक्ट के दो मुकदमे दर्ज हैं।
बरामदगी के आधार पर रामनगर कोतवाली में एफआईआर संख्या 289/26, 290/26 और 291/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
सवाल सिर्फ गांजे की पुड़िया का नहीं
रामनगर में गांजे की इतनी बड़ी मात्रा का पकड़ा जाना अपने आप में गंभीर मामला है, लेकिन असली सवाल इससे आगे का है। आखिर यह गांजा कहां से पहुंच रहा था और इसकी सप्लाई की कड़ी कितनी लंबी है?
पुड़िया बनाने के लिए तराजू और पन्नियों की बरामदगी यह संकेत देती है कि मामला केवल गांजा रखने तक सीमित नहीं था, बल्कि पुलिस के अनुसार इसे छोटे पैकेटों में तैयार कर आगे बेचने की तैयारी थी।
अब देखना यह होगा कि जांच में इस नेटवर्क से जुड़े सप्लायर, खरीदार और अन्य कड़ियां सामने आती हैं या मामला सिर्फ पांच गिरफ्तारियों तक सिमटकर रह जाता है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद पांचों आरोपी जेल भेजे जाने की प्रक्रिया में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।




