उत्तराखण्ड
कॉर्बेट में डे सफारी परमिट बुकिंग को लेकर उठी आपत्ति, ID अपलोड की व्यवस्था हटाने की मांग
रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में डे सफारी की परमिट बुकिंग के दौरान पर्यटकों की आईडी अपलोड करने के विकल्प को लेकर कॉर्बेट जिप्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को हटाकर बुकिंग प्रक्रिया को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सरल बनाए रखने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश छिम्वाल ने 10 सितंबर को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक को सम्बोधित पत्र में कहा कि परमिट बुकिंग के दौरान पर्यटकों की केवाईसी आईडी अपलोड करने में समय और असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में मोबाइल फोन के माध्यम से भी वेबसाइट पर बुकिंग संभव है और पार्क की वेबसाइट अंतिम समय तक परमिट काटने की सुविधा देती है।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि नई व्यवस्था लागू होने से लैपटॉप या डेस्कटॉप से आईडी अपलोड करना अनिवार्य हुआ तो अंतिम समय में बुकिंग करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो सकती है। इससे कॉर्बेट के राजस्व के साथ-साथ जिप्सी और पर्यटन कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
पत्र में निदेशक से व्यवस्था को जटिल बनाने के बजाय उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाए रखने का अनुरोध किया गया है, ताकि पर्यटक आसानी से परमिट बुक कर सकें और कॉर्बेट का पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो।
एसोसिएशन के पदाधिकारी इस मुद्दे पर पार्क वार्डन से मिले और ज्ञापन सौपा.




