उत्तराखण्ड
महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक सरोकारों को लेकर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के चौथे सम्मेलन की शुरुआत
रामनगर, 5 सितंबर 2026। प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के दो दिवसीय चौथे सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को रामनगर के भगत सिंह चौक स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और ध्वजारोहण के साथ हुई। सम्मेलन में महिलाओं के अधिकारों, सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों तथा आने वाले समय में संगठन की भूमिका और कार्यदिशा को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत करते हुए संगठन की अध्यक्ष बिंदु गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में मजदूर और मेहनतकश आबादी के सामने महंगाई, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और आय से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों का प्रभाव महिलाओं पर भी पड़ रहा है और महिलाओं के लिए रोजगार, समान अवसर, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उन्हें संगठित होकर अपनी समस्याओं को सामने रखने के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने का अधिकार भी सम्मेलन में चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहा।
बिंदु गुप्ता ने कहा कि सम्मेलन के दो दिनों में देश-दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही पिछले चार वर्षों के दौरान अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय परिस्थितियों तथा महिलाओं की स्थिति में आए बदलावों की समीक्षा करते हुए संगठन की आगामी कार्यदिशा तय की जाएगी।
सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न सत्रों में पिछले चार वर्षों की गतिविधियों और परिस्थितियों से संबंधित रिपोर्ट पर चर्चा की गई। इसमें महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, उनके अधिकारों, सुरक्षा, रोजगार और जनवादी अधिकारों से जुड़े विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। चर्चा के बाद संबंधित रिपोर्ट को सम्मेलन में पारित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता और एकजुटता को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने को महत्वपूर्ण बताया।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी को मजबूत किए बिना समान और न्यायपूर्ण समाज की दिशा में आगे बढ़ना संभव नहीं है। इसके लिए महिलाओं को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए सामाजिक स्तर पर सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के अनुसार सम्मेलन का दूसरा दिन संगठन की आगामी गतिविधियों, कार्यक्रमों और कार्ययोजना पर केंद्रित रहेगा। सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी सक्रियता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।




