उत्तराखण्ड
जिस हल्द्वानी में राहुल मांग रहे थे FIR, वहीं राहुल गांधी पर ही हो गई FIR! ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने लिया यू-टर्न
हल्द्वानी। राजनीति में कभी-कभी घटनाएं ऐसा पलटा खाती हैं कि बयान देने वाला ही अगले मोड़ पर कटघरे में खड़ा दिखाई देने लगता है। उत्तराखंड के हल्द्वानी में चल रहा ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब ऐसा ही सियासी मोड़ ले चुका है।
जिस हल्द्वानी से कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी, उसी हल्द्वानी में अब राहुल गांधी के खिलाफ ही FIR दर्ज हो गई है।
राहुल ने FIR मांगी थी, अब खुद FIR के घेरे में
राहुल गांधी ने 29 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर इसे छुआछूत से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस का आरोप था कि खड़गे के दलित होने के कारण उनके कार्यक्रम के बाद इस तरह का अनुष्ठान किया गया। दूसरी ओर भाजपा ने इस आरोप से दूरी बनाते हुए कहा था कि कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला था।
लेकिन सियासत का पहिया इतनी तेजी से घूमा कि अब उसी विवाद में राहुल गांधी का नाम FIR में आ गया है।
हल्द्वानी सिटी कोतवाली में अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक अमित कुमार अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों ने अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
FIR में कौन-कौन सी धाराएं?
मामले में भारतीय न्याय संहिता/BNSS से संबंधित धाराओं 196 और 299 तथा SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
सियासत का सबसे बड़ा कटाक्ष यही है…
हल्द्वानी का यह घटनाक्रम कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही सियासी लड़ाई को नया हथियार दे सकता है।
कांग्रेस कह रही थी—“FIR क्यों नहीं?”
अब हल्द्वानी से जवाब आया है—“FIR हो गई।”
फर्क सिर्फ इतना है कि जिस FIR की मांग राहुल गांधी दूसरे पक्ष के खिलाफ कर रहे थे, उसी विवाद की आंच अब उनके अपने दरवाजे तक पहुंच चुकी है।
राजनीति में इसे संयोग कहें, सियासी पलटवार कहें या वक्त का अजब खेल—लेकिन हल्द्वानी की कहानी ने कांग्रेस के लिए असहज सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
‘शुद्धिकरण’ से शुरू हुआ विवाद, FIR तक पहुंचा
8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। कांग्रेस ने इसे दलित अपमान और छुआछूत से जोड़ दिया, जबकि भाजपा पक्ष से इसे कांग्रेस द्वारा राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया गया।
अब उसी विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नया मोर्चा खुल गया है।
क्या मामला यहीं रुकेगा?
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, उनके खिलाफ पंजाब के अमृतसर सहित दूसरे भाजपा शासित राज्यों में भी कार्रवाई या जीरो FIR होने की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए इन्हें तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।
इतना जरूर है कि हल्द्वानी का विवाद अब केवल ‘शुद्धिकरण’ बनाम ‘छुआछूत’ की राजनीतिक बहस नहीं रह गया है। मामला सीधे कानूनी लड़ाई में पहुंच चुका है।
और इस पूरे घटनाक्रम का सबसे तीखा राजनीतिक व्यंग्य शायद यही है—
जिस शहर में राहुल गांधी दूसरे पक्ष के लिए FIR मांग रहे थे, उसी शहर की पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी।
अब देखना यह है कि यह FIR हल्द्वानी की राजनीति में सिर्फ एक नया अध्याय खोलती है या आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच एक बड़ा चुनावी हथियार बन जाती है।




