उत्तराखण्ड
मुखानी में कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का खुलासा, छह गिरफ्तार; दो किशोर संरक्षण में

हल्द्वानी। मुखानी थाना क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़े एक कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह म्यूल बैंक खातों, क्रिप्टोकरेंसी और अनधिकृत ऐप के जरिए कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करता था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 5 और 6 सितंबर की रात लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में की गई। मुखानी थाना पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर यहां छापेमारी की।
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों में राहुल यादव निवासी इंदौर कथित तौर पर नेटवर्क का मुख्य संचालक है। उसके अलावा हर्षित कुमार, कमल गोस्वामी, साहिल कुमार, मौ. अयान और मौ. शुभान को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
चार महीने में पांच करोड़ से अधिक के लेनदेन का दावा
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने करीब चार महीने के दौरान पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़ी रकम का लेनदेन किया। हालांकि, इस रकम और पूरे नेटवर्क में आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच अभी जारी है।
जांच के अनुसार, गिरोह में शामिल लोग कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल रकम को इधर-उधर करने के लिए करते थे। इसके बदले खाताधारकों को कमीशन देने का लालच दिया जाता था। पुलिस का कहना है कि इन खातों से एटीएम के जरिए नकदी निकाली जाती थी और जरूरत के अनुसार कैश डिपॉजिट मशीन के माध्यम से अन्य खातों में रकम जमा की जाती थी।
USDT और ‘UMASTER’ ऐप के इस्तेमाल का दावा
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राहुल यादव Binance के जरिए USDT की खरीद-फरोख्त करता था। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त बताए गए ‘UMASTER’ ऐप का इस्तेमाल कर USDT बेचने की बात सामने आई है।
पुलिस का दावा है कि इस प्रक्रिया में बिना पर्याप्त दस्तावेज, KYC और स्रोत सत्यापन के लेनदेन किया जा रहा था और प्रतिदिन लाखों रुपये की रकम का कारोबार होता था। पूरे डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की जांच साइबर टीम द्वारा की जा रही है।
बड़ी संख्या में बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा एक Dell लैपटॉप, एक Apple iPad और 11 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं।
बरामद सामग्री में 24 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
IT एक्ट और BNS की धाराओं में मुकदमा
मामले में मुखानी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 141/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) और 318(4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। दो विधि-विवादित किशोरों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से राहुल यादव के खिलाफ इंदौर ग्रामीण थाने में पूर्व में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित मामला दर्ज रहा है।
खातों और एटीएम के इस्तेमाल को लेकर पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक या एटीएम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध में बैंक खाते का इस्तेमाल पाए जाने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी मिलने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की अपील की गई है।




