उत्तराखण्ड
दिल्ली पीजी हादसे में मृतकों को कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
रामनगर। दिल्ली में पीजी की इमारत ढहने से छात्रों समेत अन्य नागरिकों की मौत के बाद रामनगर में परिवर्तनकामी छात्र संगठन ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। संगठन ने हादसे को शिक्षा व्यवस्था, छात्रावासों की कमी और किराये के आवासों की बदहाल स्थिति से जोड़ते हुए सरकारों से शिक्षा और छात्रावास व्यवस्था में सुधार की मांग की।
मंगलवार को निकाला गया कैंडल मार्च शहीद पार्क से शुरू होकर लखनपुर चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए महानगरों का रुख करते हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पर्याप्त छात्रावास उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी पीजी और किराये के कमरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रावासों की कमी का फायदा कुछ निजी मकान मालिक और पीजी संचालक उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, कई जगह भवनों की सुरक्षा और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जाती है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। संगठन ने कहा कि दिल्ली की घटना ने इस समस्या को गंभीरता से देखने की जरूरत सामने ला दी है।
परिवर्तनकामी छात्र संगठन ने शिक्षा के निजीकरण की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए शिक्षा के बजट में वृद्धि और सरकारी शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त छात्रावासों के निर्माण की मांग की। संगठन का कहना है कि देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे जरूरतमंद और इच्छुक विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुलभ छात्रावास उपलब्ध हो सके।
सभा में वक्ताओं ने दिल्ली हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों और अन्य नागरिकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने तथा प्रत्येक मृतक के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। संगठन ने हादसे की जिम्मेदारी तय करने और भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी जांच की मांग की।
कैंडल मार्च में परिवर्तनकामी छात्र संगठन के रवि कुमार, राजेंद्र, प्रीति छिम्वाल, प्रीति आर्य और लवली के अलावा इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला व भुवन चंद्र, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रभात ध्यानी, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की गीता देवी तथा देवभूमि व्यापार मंडल के मनमोहन अग्रवाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।
संगठन की ओर से इकाई सचिव रवि कुमार ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए छात्र आवासों की सुरक्षा, भवन मानकों के पालन और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए।




