उत्तराखण्ड
पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल, कर्मचारियों ने उठाई आवाज
हल्द्वानी। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव में भेदभाव समाप्त करने की मांग को लेकर शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने सर्वव्यापी हड़ताल की। हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने सरकार से बैंकिंग क्षेत्र में फाइव डे बैंकिंग लागू करने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि बैंकों में लगातार बढ़ते काम के दबाव और तनाव के बीच वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने के लिए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समय की जरूरत है। उनका तर्क है कि आईटी सेक्टर, केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों के साथ-साथ शेयर और मनी मार्केट से जुड़े संस्थानों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू है।
हड़ताल के दौरान आयोजित सभा में SBISA हल्द्वानी मॉड्यूल के अगस्त श्री चंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि फाइव डे बैंकिंग लागू होने से बैंकों की ऑपरेटिंग कॉस्ट कम होगी और इससे बैंकिंग संस्थानों के मुनाफे में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
SBISA हल्द्वानी के रीजनल सेक्रेटरी ओमप्रकाश नेलिया ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से सरकार के डिजिटल इंडिया प्लेटफॉर्म को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं PNB के पंत ने कहा कि सरकार को इस बार फाइव डे बैंकिंग लागू कर देनी चाहिए।
SBISA के जोनल सेक्रेटरी हेम आर्य ने कहा कि मौजूदा दौर में बैंक कर्मचारियों के बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए फाइव डे बैंकिंग बेहद जरूरी है।
सभा में अनिल टम्टा, जगत बिष्ट, पंकज आर्य, चंदन रावत, लोकेश गुरुरानी, मुकेश बामेटा समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।




