उत्तराखण्ड
महंगाई के विरोध में मालधन में महिलाओं का प्रदर्शन, सरकार से राहत की मांग
रामनगर/मालधन। बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के बैनर तले रविवार, 20 सितंबर को रामनगर के मालधन क्षेत्र में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आवश्यक खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंम्वाल ने कहा कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी, दाल, तेल और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है और महिलाओं के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है।
छिंम्वाल ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महंगाई के मुकाबले आम लोगों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखंड की अध्यक्ष शारदा देवी ने भोजनमाताओं के मानदेय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से भोजनमाताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने के साथ वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
इंकलाबी मजदूर केंद्र के महासचिव रोहित रुहेला ने सरकार के आर्थिक आंकड़ों और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक विकास के दावों के बावजूद आम लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है।
सभा में परिवर्तनकामी छात्र संगठन की प्रीति आर्य और इंकलाबी मजदूर केंद्र के उबैदुल हक ने भी विचार रखे। प्रदर्शन में पुष्पा, मंजू, शांति, सीमा, कमलेश, आशा और विमला सहित दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने भागीदारी की।
प्रदर्शनकारियों ने महंगाई पर नियंत्रण, आम परिवारों को राहत देने तथा भोजनमाताओं की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई। 




