उत्तराखण्ड
धामी की वंदना में जुटे रामनगर के तीन ‘टिकटार्थी’, जन्मदिन के बहाने 2027 की सियासी बिसात!
रामनगर में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन, तीन जगह तीन कार्यक्रम—कहीं लोक कलाकारों का रंग, कहीं भंडारे का प्रसाद… और कहीं टिकट की सियासी आस!
रामनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन आज है, लेकिन रामनगर में इसकी तैयारियां देखकर लग रहा है कि जन्मदिन मुख्यमंत्री का है और सियासी केक काटने की तैयारी कुछ और लोगों की है!
रामनगर भाजपा की राजनीति में इन दिनों टिकट की दौड़ ने ऐसा रंग पकड़ा है कि मुख्यमंत्री की ‘वंदना’ का नया अध्याय खुल गया है। धामी के जन्मदिन पर भाजपा के तीन अलग-अलग नेताओं—संजय डोर्वी, इन्दर रावत और मदन जोशी—ने तीन अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं। संयोग देखिए कि तीनों ही आगामी विधानसभा चुनाव में रामनगर से भाजपा के टिकट की महत्वाकांक्षा रखने वाले चेहरों के रूप में चर्चा में हैं।
जन्मदिन धामी का, नजर 2027 के टिकट पर?
रामनगर भाजपा में विधानसभा टिकट के दावेदारों की कोई कमी नहीं है। लेकिन इन दिनों संजय डोर्वी, इन्दर रावत और मदन जोशी की सक्रियता कुछ ज्यादा ही ‘भौकाली’ नजर आ रही है।
तीनों की मुख्यमंत्री के प्रति निष्ठा, सम्मान और ‘वंदना’ सार्वजनिक मंचों पर खूब दिखाई दे रही है। सियासी गलियारों में इसे लेकर चुटकी भी ली जा रही है कि ‘साहब का जन्मदिन है, लेकिन शुभकामनाओं के बहाने अपनी सियासी जन्मपत्री भी दिखाई जा रही है।’
दरअसल, 2027 का विधानसभा चुनाव दूर जरूर है, लेकिन टिकटार्थियों की सियासी एक्सरसाइज अभी से शुरू हो चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री के जन्मदिन को तीनों दावेदार अपने-अपने अंदाज में ‘सियासी अवसर’ के तौर पर भुनाते नजर आ रहे हैं।
पीरुमदारा में डोर्वी का डांस-म्यूजिक
संजय डोर्वी ने मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन पर पीरुमदारा में नृत्य-संगीत का कार्यक्रम रखा है। उत्तराखंड के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन करेंगे।
यानी मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर लोक संस्कृति का रंग भी चढ़ेगा और मंच से धामी की जय-जयकार का रंग भी जमने की पूरी संभावना है।
सियासी चुटकी लेने वाले कह रहे हैं—लोकगीतों के बीच अगर टिकट की ताल भी मिल जाए तो कार्यक्रम की ‘बीट’ और तेज हो सकती है!
लखनपुर में मदन जोशी का ‘बर्थडे शो’
उधर मदन जोशी ने लखनपुर में कार्यक्रम आयोजित किया है। यहां भी मुख्यमंत्री के जन्मदिन को लेकर जोरदार आयोजन की तैयारी है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि रामनगर में इन दिनों मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने की होड़ कुछ ज्यादा ही दिलचस्प हो गई है। कौन कितनी बड़ी शुभकामना देता है, किसका कार्यक्रम कितना बड़ा होता है और किसकी मौजूदगी कितनी चर्चा बटोरती है—इसका हिसाब-किताब भी सियासी निगाहें रख रही हैं।
गर्जिया में इन्दर रावत का भंडारा
इन्दर रावत ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर गर्जिया मंदिर में भंडारे का आयोजन किया है। इसकी जिम्मेदारी मंदिर के पुजारी मनोज पांडे को सौंपी गई है।
अब एक तरफ पीरुमदारा में गीत-संगीत, दूसरी तरफ लखनपुर में आयोजन और तीसरी तरफ गर्जिया में भंडारा—रामनगर में मुख्यमंत्री के जन्मदिन का जश्न तीन अलग-अलग रंगों में दिखाई देगा।
लेकिन राजनीति के जानकार इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ जन्मदिन की शुभकामना तक सीमित करके देखने को तैयार नहीं हैं।
‘टिकट’ का फल पाने को ‘वंदना’?
सियासी चर्चा यही है कि तीनों दावेदारों की नजर 2027 के विधानसभा टिकट पर है। मुख्यमंत्री की ‘कृपा’ हासिल करने की होड़ भी इसी सियासी गणित का हिस्सा मानी जा रही है।
बेशक, तीनों नेता अपने कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान और शुभकामना से जोड़ेंगे, लेकिन राजनीति में टाइमिंग भी बहुत कुछ कहती है।
मुख्यमंत्री का जन्मदिन, चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और एक ही विधानसभा सीट से टिकट की महत्वाकांक्षा—इन तीनों का कॉकटेल रामनगर की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मौजूदा विधायक के टिकट पर भी निगाहें?
इन दावेदारों की उम्मीद का एक सिरा मौजूदा विधायक दीवान सिंह बिष्ट के टिकट से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
टिकटार्थियों को शायद उम्मीद है कि यदि 2027 में भाजपा मौजूदा विधायक का टिकट बदलती है तो रामनगर की राजनीतिक पिच पर उनके लिए बल्लेबाजी का मौका खुल सकता है।
यही वजह है कि अभी से ‘वार्मअप मैच’ शुरू हो गए हैं।
हालांकि टिकट किसे मिलेगा, किसका कटेगा और किसके नाम पर पार्टी मुहर लगाएगी—इसका फैसला भाजपा नेतृत्व ही करेगा। फिलहाल दावेदार अपनी-अपनी तरफ से सियासी सीढ़ी पर पायदान चढ़ने की कोशिश में जुटे हैं।
रामनगर में शुरू हुआ ‘बर्थडे पॉलिटिक्स’ का नया सीजन
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन पर रामनगर में तीन कार्यक्रम होना महज संयोग है या 2027 की सियासी पटकथा का ट्रेलर—यह आने वाला वक्त बताएगा।
लेकिन इतना जरूर है कि जन्मदिन धामी का है और धड़कनें रामनगर के टिकटार्थियों की तेज हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि पीरुमदारा के मंच की ताल, लखनपुर के आयोजन की चमक और गर्जिया के भंडारे का प्रसाद—इनमें से किसकी ‘सियासी सुगंध’ देहरादून तक पहुंचती है।
क्योंकि रामनगर की सियासत में इन दिनों सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि—
“धामी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं किसने दीं?”
असल सवाल तो यह है—
“शुभकामनाओं के इस मौसम में 2027 का टिकट किसके नाम का फल पकाएगा?”




