उत्तराखण्ड
120 किलो गौमांस, दो गिरफ्तार और कई सवाल… रामनगर में कथित गौकशी नेटवर्क की खुलती परतें
रामन
स्लाटर हाउस से बरामदगी के बाद दो आरोपी फरार, गौवंश उपलब्ध कराने वाले कथित सप्लायर को भी किया गया नामजद
रामनगर। रामनगर में ख़ताड़ी स्थित स्लाटर हाउस से करीब 120 किलोग्राम प्रतिबंधित गौमांस बरामद होने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित न होकर गौकशी और गौतस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।
मामला 5 अगस्त का है। पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बिष्ट की चेकिंग के दौरान स्लाटर हाउस से करीब 120 किलो प्रतिबंधित गौमांस बरामद हुआ था। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोग फरार हो गए। घटनास्थल से मांस काटने के औजार भी बरामद किए गए।
बरामदगी के आधार पर रामनगर थाने में एफआईआर संख्या 247/2026 दर्ज की गई। इसमें उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम की धारा 3/5/11 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
CCTV और सर्विलांस के बाद दो गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा मुखबिर तंत्र, मैनुअल जांच और सर्विलांस के जरिए आरोपियों की तलाश की गई।
पुलिस के मुताबिक, रविवार 9 अगस्त को मालधन रोड स्थित पंजाबी कब्रिस्तान पुलिया के पास से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजी (21) निवासी खताड़ी, रामनगर और अयान (24) निवासी खताड़ी, रामनगर के रूप में हुई है।
हालांकि, पुलिस के अनुसार इस मामले में अभी दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
सिर्फ दो गिरफ्तारियों से खत्म नहीं हुआ मामला
इस प्रकरण में एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर गौतस्करों को गौवंश उपलब्ध कराने वाले एक व्यक्ति को भी मामले में नामजद किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भेजे जाने की बात कही गई है।
यही कड़ी इस पूरे मामले को महज स्लाटर हाउस से बरामदगी तक सीमित नहीं रहने देती। यदि पुलिस की प्रारंभिक जांच में संगठित गैंग की बात सामने आई है तो अब जांच का असली सवाल यह होगा कि गौवंश कहां से लाया जाता था, किसके माध्यम से उपलब्ध कराया जाता था, कथित गौकशी के बाद मांस की आपूर्ति कहां होती थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
स्लाटर हाउस में आखिर क्या चल रहा था?
इस घटना ने स्लाटर हाउस की निगरानी और वहां होने वाली गतिविधियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। करीब 120 किलो प्रतिबंधित गौमांस और मांस काटने के औजार बरामद होने के बाद यह जांच का विषय है कि कथित गतिविधियां कब से चल रही थीं और संबंधित स्थान पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की गिरफ्तारी बाकी है। साथ ही कथित तौर पर गौवंश उपलब्ध कराने वाले आरोपी तक पहुंचना भी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ऐसे में आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि कथित गौकशी और गौतस्करी का नेटवर्क वास्तव में कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।




