उत्तराखण्ड
मानसून में एक्टिव हुआ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, जंगल से हाईवे तक चला ‘फ्लैग मार्च’, वन अपराधियों को सख्त चेतावनी
रामनगर। मानसून सीजन शुरू होते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) ने वन एवं वन्यजीव सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, वन अपराधों पर अंकुश लगाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को बिजरानी, सर्पदुली, सुरक्षा इकाई और रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज के संयुक्त तत्वावधान में फ्लैग मार्च निकाला गया।
फ्लैग मार्च की शुरुआत सांवल्दे वन परिसर से हुई। वन क्षेत्राधिकारी नवीन चंद्र पाण्डेय ने टीम को मानसून के दौरान बढ़ने वाले खतरों और वन सुरक्षा की जिम्मेदारियों से अवगत कराया। इसके बाद वन विभाग की टीम जंगल से लेकर आबादी और प्रमुख मार्गों तक सक्रिय नजर आई।
मानसून में क्यों बढ़ाई गई चौकसी?
वन विभाग के अनुसार बारिश के मौसम में वन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां, शिकार, लकड़ी तस्करी और अनधिकृत आवाजाही बढ़ने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए पूरे स्टाफ को नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जंगल से हाईवे तक दिखी वन विभाग की मौजूदगी
फ्लैग मार्च सांवल्दे वन परिसर से निकलकर चोरपानी,कानियां, कोटदार रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग-309 होते हुए गार्जिया वन परिसर तक पहुंचा। इस दौरान रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी रखी गई। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की कि मानसून के दौरान जंगलों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन चौकी को दें।
वन विभाग का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन में विशेष गश्त, रात्रि पेट्रोलिंग और संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को भी कम किया जा सके।




