उत्तराखण्ड
धनगढ़ी पुल का इंतजार खत्म! पुष्कर सिंह धामी रविवार को करेंगे लोकार्पण, सालों की मुश्किलें हुईं दूर
रामनगर (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को रामनगर पहुंचकर राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर बने धनगढ़ी पुल का लोकार्पण करने जा रहे हैं। इस पुल के शुरू हो जाने से पर्वतीय क्षेत्र के हजारों स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को मानसून में जानलेवा मुश्किलों से निजात मिलने वाली है।
मुख्यमंत्री धामी हेलीकॉप्टर से ढिकुली स्थित तरंगी रिजॉर्ट पहुंचेंगे और वहां से सड़क मार्ग से धनगढ़ी पुल स्थल पर जाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहेंगे।
सालों का इंतजार और चुनौतियां
धनगढ़ी पुल का शिलान्यास 8 नवंबर 2020 को हुआ था। वुडहिल कंपनी को डेढ़ साल में पुल पूरा करके सौंपने का ठेका मिला था, लेकिन कंपनी समय पर काम पूरा नहीं कर पाई। सबसे बड़ी बाधा वाइल्डलाइफ बोर्ड की आपत्ति रही — हाथियों के पुल के नीचे से गुजरने के लिए ऊंचाई पर्याप्त नहीं थी।
ऊंचाई बढ़ाने के बाद निर्माण कार्य फिर शुरू हुआ, लेकिन इस दौरान लागत भी काफी बढ़ गई। अंत में वुडहिल कंपनी से काम छीनकर दूसरी एजेंसी को सौंपा गया। पुल को 2022 में पूरा होना था, लेकिन 2026 में जाकर आखिरकार यह तैयार हो पाया।
मानसून का कहर अब थमेगा
पहाड़ी इलाके में हर मानसून में धनगढ़ी नाला उफान पर आ जाता था। कई हादसों में स्थानीय लोगों और पर्यटकों की जानें जा चुकी थीं। नए पुल के बनने से अब आवागमन न सिर्फ आसान बल्कि सुरक्षित भी हो जाएगा। खासकर रामनगर से पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले लोगों और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस कार्यक्रम को विकास कार्यों को गति देने का प्रतीक माना जा रहा है। पुल के लोकार्पण के साथ ही क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा सुधार दर्ज हो जाएगा।
अब इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। धनगढ़ी पुल न सिर्फ कंक्रीट और लोहे का पुल है, बल्कि स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान भी है।
धनगढ़ी पुल लोकार्पण: बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ी हुई सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत!




