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उत्तराखण्ड

IPS बनने का सपना टूटा तो बन गया ‘फर्जी IPS’! 15 लाख की ठगी, रक्षा मंत्रालय में नौकरी का झांसा… देहरादून पुलिस ने ऐसे दबोचा शातिर

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा न होने पर खुद को ही फर्जी आईपीएस अधिकारी बना लिया। इतना ही नहीं, वह कभी खुद को आईपीएस, कभी रॉ एजेंट, कभी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी तो कभी सीआरपीएफ का अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाता था और नौकरी, कंपनी रजिस्ट्रेशन तथा सरकारी काम जल्द कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था।
एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति के तहत थाना राजपुर पुलिस ने आरोपी आर. यशोवर्धन (35) को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से कई फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना की वर्दियां, वायरलेस सेट तथा लैपटॉप बरामद किया है।
दो अलग-अलग मामलों में करोड़ों के सपने दिखाकर लाखों की ठगी
पुलिस के अनुसार, पहला मामला 8 जुलाई 2026 का है। डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई कि यशोवर्धन ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उन्हें होटल जिंजर (साईं मंदिर के पास) बुलाया। आरोपी ने उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का जल्द पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
दूसरा मामला 15 जुलाई 2026 को सामने आया। कैनाल रोड स्थित सोशल स्टेज हॉस्टल में रहने वाली डॉ. अनुषा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए फर्जी आईडी और विजिटिंग कार्ड दिखाए। इसके बाद रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसलटेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 4.60 लाख रुपये ऐंठ लिए।

एसएसपी के निर्देश पर बनी टीम, CCTV से मिला सुराग

दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना राजपुर में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया, आसपास और आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान मिले पुख्ता सुरागों के आधार पर पुलिस ने 16 जुलाई 2026 को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पिता बड़े अधिकारी, बेटा बन बैठा फर्जी IPS

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। बचपन से ही वह अपने पिता के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली, रुतबा और सुविधाएं देखता था। इसी कारण उसने आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखा और कई वर्षों तक यूपीएससी की तैयारी भी की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सपना टूटने के बाद उसने लोगों को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान बनानी शुरू कर दी। उसने खुद को आईपीएस अधिकारी, रॉ एजेंट, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड और वर्दियां तैयार कराईं। इसके बाद नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और सरकारी काम जल्दी कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता रहा।
ये सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है
5 फर्जी आईडी कार्ड
8 फर्जी विजिटिंग कार्ड
25 पुलिस एवं सेना के लोगो
सेना/पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दियां
3 फर्जी रिबन
1 वायरलेस सेट
1 लैपटॉप

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर. यशोवर्धन पुत्र एस. रामास्वामी, निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, आईएचएम कैंपस, गढ़ी कैंट, थाना कैंट, देहरादून, उम्र 35 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस की अपील

देहरादून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को किसी सरकारी विभाग, पुलिस, सेना या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर नौकरी, टेंडर या सरकारी कार्य कराने के नाम पर धन की मांग करता है, तो उसकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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