उत्तराखण्ड
चार कुख्यात गुंडों को 6 महीने के लिए जिला बदर, तीन को गुंडा एक्ट से मिली राहत
नैनीताल। 11 जुलाई 2026।
जनपद नैनीताल में कानून का राज कायम करने के लिए डीएम ललित मोहन रयाल ने एक बार फिर सख्ती का परचम लहराया है। चार notorious अपराधियों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर खदेड़ दिया गया है, जबकि तीन अन्य पर चल रही गुंडा एक्ट की तलवार को वापस खींच लिया गया है।
यह कार्रवाई गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई है, जिसका मकसद है — अपराधियों को उनकी सरगर्मी का अहसास कराना और आमजन को सुरक्षा मुहैया कराना।
बदमाश जिन्हें लगी जिला बदर की लाठी:
रोहित पांडे (निवासी बेड़ाझाल, रामनगर)
शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और आईपीसी के कुल 9 आपराधिक मामले। चुनाव के दौरान फायरिंग, सार्वजनिक जगह पर लाइसेंसी पिस्टल से गोलियां चलाने जैसे गंभीर आरोप। कई मामले अभी अदालत में चल रहे हैं। अब 6 महीने तक नैनीताल में घुसने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।
देव सिंह जाटव (निवासी गाड़ी पड़ाव, मल्लीताल)
चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, NDPS और पशु क्रूरता अधिनियम समेत ढेर सारे मुकदमे। जिले में अब 6 महीने तक उसके लिए ‘नो एंट्री’।
गौरव मेहंदी रत्ता (निवासी आवास विकास, हल्द्वानी)
आईपीसी और बीएनएस के तहत आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले।
हिमांशु पंत उर्फ पटाखा (निवासी आवास विकास, हल्द्वानी)
आर्म्स एक्ट, NDPS, चोरी (धारा 379 व 411) समेत कुल 14 मुकदमे। पटाखा अब 6 महीने तक जिले से दूर ही रहेगा।
राहत पाने वाले:
चंदन टाकुली (तिवारी नगर, बिंदुखत्ता)
विश्वनाथ पुत्र किशोरी लाल (बंगाली कॉलोनी, लालकुआं)
जीवन कनवाल (थाना काठगोदाम)
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल का साफ संदेश है — “जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधिक तत्वों के खिलाफ यह अभियान लगातार चलेगा।”
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो सोचते हैं कि जिले में अपराध करके आराम से घूम सकते हैं। DM रयाल का रुख बिल्कुल साफ है — अपराधी या तो सुधरें, वरना जिले से बाहर।
अब देखना यह है कि ये जिला बदर अपराधी जिले से बाहर रहकर भी कितना सुधरते हैं या फिर पुरानी आदतें दोहराते हैं।




