उत्तराखण्ड
सावित्रीबाई फुले जयंती से पहले महिला एकता मंच का एलान— अंकिता हत्याकांड पर सड़कों पर उतरेंगे
रामनगर में महिला एकता मंच का ऐलान— सावित्रीबाई फुले जयंती पर संगोष्ठी, अंकिता हत्याकांड में वीआईपी पर उठे तीखे सवाल
रामनगर।
महिला एकता मंच की मालधन चंद्रनगर में आयोजित बैठक में 3 जनवरी को देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जन्मदिवस पर संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह कार्यक्रम मालधन के चंद्रनगर में प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा, जिसमें महिला शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के दौरान महिलाओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी उर्मिला सनावर राठौर की वायरल वीडियो पर भी गंभीर मंथन किया। बैठक में कहा गया कि वीडियो के माध्यम से अंकिता हत्याकांड में वीआईपी के रूप में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ उर्फ गट्टू का नाम सामने आया है, इसके बावजूद सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
महिला एकता मंच की सदस्य सरस्वती जोशी ने कहा कि नाम सामने आने के बाद भी प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी का मौन रहना प्रदेश की आधी आबादी—महिलाओं—को खल रहा है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, यह स्पष्ट किया जाए कि अंकिता हत्याकांड के समय गट्टू कहां मौजूद था और उसका इस घटना से क्या संबंध है।
बैठक में महिलाओं ने भाजपा के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे को ढकोसला करार देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में बेटियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है तो उसे जल्द से जल्द वीआईपी का नाम सार्वजनिक कर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही अंकिता हत्याकांड से जुड़े सबूत मिटाने के लिए बुलडोजर चलाने के जिम्मेदार भाजपा नेताओं और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
इसके अलावा उत्तराखंड भवन को लेकर उर्मिला राठौर द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी बैठक में उठाई गई। महिला एकता मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो मंच सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
बैठक में ममता आर्य, सोनी, सरला देवी, विनिता टम्टा, ममता, भगवती आर्य, देवी आर्य, अल्का, सरस्वती जोशी सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।




