उत्तराखण्ड
रक्तदान की आड़ में ‘खून का कारोबार’! लक्सर में अवैध ब्लड कैंप का खुलासा, 27 यूनिट रक्त बरामद
हरिद्वार। रक्तदान को महादान माना जाता है, लेकिन हरिद्वार के लक्सर से सामने आया मामला इस पवित्र कार्य की आड़ में चल रहे कथित अवैध खेल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर लोगों से रक्त एकत्र करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, रक्त संग्रह से जुड़े उपकरण और दो वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को लक्सर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांव-देहात के इलाकों में बिना आवश्यक अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगा रहे हैं। आरोप है कि इन कैंपों में ग्रामीणों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर रक्त एकत्र किया जा रहा था और बाद में इस रक्त को अधिक कीमत पर दूसरे राज्यों में बेचने का प्रयास किया जा रहा था।
अलावलपुर तिराहे पर रोकी गईं दो गाड़ियां
सूचना मिलते ही चौकी सुल्तानपुर प्रभारी उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी और चौकी भिक्कमपुर प्रभारी उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी की टीम ने तलाश शुरू की। अलावलपुर तिराहे पर पुलिस ने दो संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली।
स्विफ्ट कार UK-08-BL-3257 की डिग्गी में रखे आइस बॉक्स से 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग मिले। इसके अलावा रक्त संग्रह और जांच में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण भी बरामद किए गए।
वहीं स्कॉर्पियो एन UP-20-CD-8085 से चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड और हाथ बांधने वाली चार बेल्ट बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
ग्रामीणों से अपील—‘कैंप देखकर आंख मूंदकर रक्तदान न करें’
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल आम लोगों की सुरक्षा को लेकर है। रक्तदान एक संवेदनशील चिकित्सा प्रक्रिया है और रक्त को सुरक्षित तरीके से एकत्र करने, जांचने, संरक्षित करने तथा जरूरतमंद मरीज तक पहुंचाने के लिए निर्धारित नियम और व्यवस्थाएं होती हैं।
ऐसे में किसी भी गांव, कस्बे या सार्वजनिक स्थान पर बिना स्पष्ट अनुमति, अधिकृत संस्था और वैध ब्लड बैंक की जानकारी के लगाए गए रक्तदान शिविर में रक्तदान करने से पहले पूरी पड़ताल करना बेहद जरूरी है।
रक्तदान करने से पहले यह जरूर पता करें कि कैंप किस संस्था द्वारा लगाया गया है, संबंधित ब्लड बैंक अधिकृत है या नहीं और एकत्रित रक्त आखिर किस अधिकृत ब्लड बैंक तक पहुंचाया जाएगा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
लक्सर कोतवाली में मामले को लेकर मु0अ0सं0 829/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ धारा 18(सी), 27 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट एवं 316(1) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनमें अनित सैनी, शुभम कुमार, दुष्यन्त कुमार, कावेन्द्र कुमार और दया सिंह शामिल हैं।
बरामदगी ने बढ़ाई चिंता
पुलिस की कार्रवाई में 27 यूनिट रक्त के साथ बीपी मशीन, एचबी मशीन, ब्लड ग्रुप जांच सामग्री, डोनर फॉर्म बुक, 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड, चार डोनर चेयर, वेट मशीन, ब्लड यूनिट मापने वाली मशीन और दो वाहन बरामद किए गए हैं।
यह बरामदगी इस पूरे मामले को महज एक सामान्य रक्तदान शिविर का मामला नहीं रहने देती। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
SSP हरिद्वार का सख्त संदेश
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रक्तदान जैसे पवित्र कार्य की आड़ में यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों को अंजाम देता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों के लिए संदेश साफ है—रक्तदान जरूर करें, लेकिन केवल अधिकृत और विश्वसनीय ब्लड बैंक या संस्था के माध्यम से। किसी अनजान या संदिग्ध कैंप में सिर्फ भावनात्मक अपील पर रक्तदान करना भारी पड़ सकता है।




