उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में वास्तुकला को नई दिशा देने का संकल्प, IIA की नई टीम का गठन
हरिद्वार में IIA उत्तराखंड चैप्टर की नई कार्यकारिणी का स्थापना समारोह
हरिद्वार। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (IIA) उत्तराखंड चैप्टर की वर्ष 2026-28 की नई कार्यकारिणी की पहली सामान्य सभा और स्थापना समारोह हरिद्वार के होटल सरोवर पोर्टिको में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 40 वास्तुविदों और IIA सदस्यों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नवनिर्वाचित अध्यक्ष आर्किटेक्ट मनबर सिंह नेगी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वास्तुकला के क्षेत्र को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए सभी वास्तुविदों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
समारोह में नई कार्यकारिणी का औपचारिक रूप से गठन किया गया। इसमें आर्किटेक्ट मनबर सिंह नेगी अध्यक्ष, आर्किटेक्ट अखिलेश कुमार उपाध्यक्ष, आर्किटेक्ट सुबोध डोभाल कोषाध्यक्ष और आर्किटेक्ट कनव कुमार अग्रवाल संयुक्त सचिव बनाए गए हैं।
कार्यकारिणी सदस्यों में आर्किटेक्ट संजय भार्गव, जितेंद्र सरोही, नीरज त्यागी, रितेश कुमार, उमेश चंद्र मिश्रा, मेघा वी., सलोनी अग्रवाल, रोहित कुंवर, मनीषा सिंह और ब्लेसी मारिया शामिल हैं।
सामान्य सभा में वास्तुकारों की तकनीकी और व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने, पर्यावरण के अनुकूल भवन निर्माण को बढ़ावा देने तथा युवा वास्तुकारों को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में भवन निर्माण में प्लाईवुड के उपयोग को लेकर तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें भवनों के आंतरिक डिजाइन और निर्माण में प्लाईवुड के अलग-अलग उपयोग और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। वरिष्ठ आर्किटेक्ट बृजपंजवानी ने भी अपने अनुभव साझा किए।
मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने वास्तुकला में नए प्रयोग, सतत विकास और जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
अध्यक्ष मनबर सिंह नेगी ने कहा कि IIA उत्तराखंड चैप्टर राज्य के वास्तुकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराते हुए पेशेवर विकास, तकनीकी ज्ञान, सतत विकास और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में काम करेगा।
कार्यक्रम का संचालन आर्किटेक्ट कनव कुमार अग्रवाल ने किया। अंत में संयुक्त सचिव आर्किटेक्ट संजय भार्गव ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और मुख्य अतिथि, पदाधिकारियों, सदस्यों तथा कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया।
IIA उत्तराखंड चैप्टर ने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी के कार्यकाल में राज्य में वास्तुकला के क्षेत्र में नए विचारों, तकनीकी नवाचार और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।




