उत्तराखण्ड
कोसी नदी पर खनन माफियाओं पर वन विभाग का बड़ा प्रहार, 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दबोचीं, रेकी करने वाले फील्डर भी पकड़े गए
रामनगर। कोसी नदी और आसपास के वन क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के खेल पर आखिरकार वन विभाग ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 06 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ लीं, जो जंगल क्षेत्र से चोरी-छिपे आरबीएम (रेता-बजरी-पत्थर) निकालकर ले जाई जा रही थीं।
जानकारी के अनुसार प्रभागीय वनाधिकारी तराई पश्चिमी वन प्रभाग पीसी आर्या के निर्देशन तथा उप प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर के नेतृत्व में वन सुरक्षा बल और रामनगर रेंज स्टाफ ने गुलजारपुर और नदी क्षेत्र में विशेष गश्त अभियान चलाया। इसी दौरान पापड़ी के जंगल में अवैध खनन कर सामग्री ढो रहे 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके से पकड़ लिया गया। सभी वाहनों को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए पापड़ी चौकी परिसर में सुरक्षित खड़ा कर दिया गया है।

सागौन लकड़ी के साथ बाइक सवार भी दबोचा
वन विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। टीम ने ज्वालावन क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल को भी पकड़ा, जिस पर सागौन की लकड़ी ले जाई जा रही थी। लकड़ी लदी बाइक को ज्वालावन चौकी परिसर में सीज कर दिया गया है।
सरकारी गाड़ियों की रेकी करने वाले भी चढ़े हत्थे
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वन विभाग की गश्ती टीमों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले दो फील्डरों की मोटरसाइकिलें भी पकड़ी गईं। बताया जा रहा है कि ये लोग सरकारी गश्ती वाहनों की रेकी कर अवैध खनन माफियाओं को सूचना पहुंचाते थे। दोनों बाइकें भी पापड़ी चौकी में खड़ी करा दी गई हैं।
कोसी नदी में कब रुकेगा खनन का खेल?
कोसी नदी और उससे जुड़े क्षेत्रों में अवैध खनन लंबे समय से बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सवाल यह है कि जब एक दिन की कार्रवाई में 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी जा सकती हैं, तो रोजाना कितनी संपदा चोरी हो रही होगी?




