उत्तराखण्ड
हनी ट्रैप का जाल, फिरौती का खेल—दो शातिर गिरफ्तार, गैंग का बड़ा खुलासा
ऊधमसिंहनगर में हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग और फिरौती वसूली का बड़ा मामला सामने आया है, जहां सुनियोजित तरीके से फंसाकर लाखों रुपये की मांग करने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार दबिश जारी है।
मामले के अनुसार, पीड़ित ने कोतवाली ट्रांजिट कैम्प में शिकायत दर्ज कराई कि प्रिया नाम की महिला और उसकी साथी पिंकी उर्फ काजल ने उसे अपने जाल में फंसाया। पहले बुलाकर उसके साथ मारपीट की गई, फिर झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांग की गई।
बताया गया कि आरोपियों ने पीड़ित से 14 हजार रुपये ऑनलाइन और 30 हजार रुपये नकद जबरन वसूल भी लिए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गंगापुर इंडियन कॉलोनी क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोतीराम (46 वर्ष) निवासी सम्भल और पिंकी उर्फ काजल (35 वर्ष) निवासी ट्रांजिट कैम्प शामिल हैं। दोनों के कब्जे से कुल 17,500 रुपये बरामद किए गए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार महिला आरोपी पिंकी उर्फ काजल पहले से भी इसी तरह के एक मामले में वांछित चल रही थी, जिससे साफ है कि यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और लोगों को निशाना बना रहा था।
पूछताछ में इस गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि किस तरह हनी ट्रैप जैसे जाल में फंसाकर लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है, वरना एक गलत कदम भारी कीमत वसूल सकता है।




