उत्तराखण्ड
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग को लेकर महिला एकता मंच का प्रदर्शन
रामनगर। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को लेकर महिला एकता मंच के बैनर तले महिलाओं ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद लखनपुर चौक पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग उठाई।
सभा का संचालन करते हुए कौशल्या चुनियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी एक वायरल वीडियो में वीआईपी के रूप में पूर्व भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू का नाम सामने आने का दावा किया गया है। उन्होंने मांग की कि घटना के दिन संबंधित व्यक्ति की लोकेशन सार्वजनिक की जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी साधे हुए है।
महिला एकता मंच की संयोजिका ललिता रावत ने कहा कि नाम सामने आने के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे अहम है और यदि मामले को दबाने की कोशिश हुई तो महिलाएं विरोध तेज करेंगी।
सभा में ऊषा पटवाल ने कहा कि “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे तभी सार्थक होंगे जब अपराधों की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सबूतों को प्रभावित करने के प्रयास हुए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि एससी/एसटी आयोग से अपेक्षा है कि वह बिना किसी दबाव के सभी मामलों में निष्पक्ष भूमिका निभाए। सभा में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रभात ध्यानी, समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार, प्रगतिशील एकता मंच की तुलसी छिम्वाल, अधिवक्ता पूरन चंद्र पांडेय, महिला एकता मंच की माया और करणी सेना के सूरज चौधरी सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे।
महिला एकता मंच ने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जाए और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.




