उत्तराखण्ड
मालधन में महिला एकता मंच का प्रदर्शन, अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग
रामनगर:मालधन क्षेत्र में महिला एकता मंच के बैनर तले अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से मंच की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की गई। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रकरण में कई अहम पहलुओं पर अब तक स्पष्टता नहीं आ पाई है, जिस कारण निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
महिला एकता मंच की ओर से आयोजित सभा मालधन चौड़ पर हुई, जिसका संचालन सरस्वती जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कुछ वीडियो और जानकारियां सामने आने के बाद भी सरकार की ओर से सीबीआई जांच की घोषणा नहीं की गई है। उनका कहना था कि मामले में जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मंच की संयोजिका ललिता रावत ने होटल और रिसॉर्ट में कार्यरत महिलाओं की कार्य स्थितियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कम वेतन और लंबे कार्य घंटे महिलाओं के शोषण की संभावनाएं बढ़ाते हैं, इसलिए कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए भगवती आर्य ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में उठ रहे सवालों पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मामले में किसी भी स्तर पर प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता रही है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी जवाबदेही तय करने की मांग की।
विनिता टम्टा ने कहा कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि किसी स्तर पर सबूतों को नुकसान पहुंचाया गया है तो उससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सभा में यह भी कहा गया कि कुछ वीडियो में पूर्व भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के दावे किए गए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराने के बजाय पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
कार्यक्रम में भावना आर्या, गिरिश आर्या, इंद्रजीत, ग्राम प्रधान पुष्पा कोहली, सरला, ममता सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे और महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की।




