उत्तराखण्ड
उत्तराखंड सनसनी: अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘VIP’ विवाद का नया ट्विस्ट! पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर जेल की सलाखों के पीछे, पूर्व प्रेमिका ऊर्मिला का बदला पूरा?
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में तूफान ला देने वाला अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। कथित VIP के नाम पर घूम रहे विवाद में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को सोमवार (15 जून 2026) को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। डालनवाला थाने में दुष्यंत गौतम की शिकायत पर दर्ज मामले में राठौर को हरिद्वार के बुग्गावाला से दबोचा गया और कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूरा मामला क्या है? ब्रेकअप का बदला बना राजनीतिक बम
2022 के इस चर्चित हत्याकांड में वनांतरा रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है, लेकिन ‘VIP’ का नाम आज भी राजनीतिक हलचल मचाता रहा।
दिसंबर 2025 में मामला फिर गरमा गया जब ऊर्मिला सनावर (जो खुद को सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी बताती हैं, अभिनेत्री) ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो क्लिप वायरल कीं। इनमें दावा किया गया कि राठौर ने उन्हें बताया था कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम (उर्फ गट्टू) उस रात रिसॉर्ट में थे, जहां ‘स्पेशल सर्विसेज’ की मांग के चलते अंकिता पर दबाव बना था और हत्या हुई। ऊर्मिला ने अपनी और राठौर के बीच की कथित मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग भी जारी की।1b3d55
ब्रेकअप के बाद ऊर्मिला का यह कदम राठौर के लिए भारी पड़ गया। दुष्यंत गौतम ने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए देहरादून और हरिद्वार में FIR दर्ज कराई। उन्होंने कांग्रेस, AAP समेत विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाया।
राजनीतिक भूचाल और कोर्ट-कचहरी का सफर
राठौर पहले ही भाजपा से निष्कासित हो चुके थे।
ऊर्मिला और राठौर के खिलाफ कई FIR दर्ज हुईं (IT Act और BNS की धाराओं में)।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पहले कुछ FIRs पर गिरफ्तारी पर स्टे दिया और दो FIRs को रद्द भी किया, लेकिन जांच जारी रही।
दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की और सोशल मीडिया पोस्ट्स हटवाए।
राठौर ने ऊर्मिला पर ब्लैकमेलिंग (50 लाख रुपये ऐंठने) का आरोप लगाया और ऑडियो को AI जनरेटेड बताया।
लेकिन अब 15 जून 2026 को पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया। देहरादून SSP के मुताबिक, राठौर को डालनवाला थाने में गिरफ्तार किया गया और कोर्ट ने जमानत खारिज कर जेल भेज दिया। यह गिरफ्तारी वायरल ऑडियो-वीडियो प्रसारित करने और VIP नाम उछालकर छवि खराब करने के आरोप में हुई है।
सियासी हलचल और आगे क्या?
इस गिरफ्तारी से उत्तराखंड की सियासत में फिर भूचाल आ गया है। एक तरफ दुष्यंत गौतम और भाजपा इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठन CBI जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं ताकि असली “VIP” का नाम सामने आए।
अंकिता के परिवार और जनता अब भी न्याय की गुहार लगा रही है। क्या यह गिरफ्तारी सच्चाई उजागर करेगी या सिर्फ ब्रेकअप का बदला है? क्या ऊर्मिला अब पुलिस के सामने पेश होंगी? क्या और बड़े नाम सामने आएंगे?




