उत्तराखण्ड
‘छात्रों की गूंज’ में राहुल गांधी का सीधा हमला: “पेपर लीक अब सिस्टम बन चुका है, युवाओं का भविष्य बिक रहा है”
‘छात्रों की गूंज’ में राहुल गांधी का सीधा हमला: “पेपर लीक अब सिस्टम बन चुका है, युवाओं का भविष्य बिक रहा है”
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून शुक्रवार को कांग्रेस के बड़े छात्र-युवा सम्मेलन “छात्रों की गूंज” की साक्षी बनी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हजारों छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और उत्तराखंड सरकार पर शिक्षा, भर्ती और रोजगार के मुद्दों पर तीखा हमला बोला। भारी बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के लिए 2.5 लाख से अधिक पंजीकरण हुए थे।
राहुल गांधी ने अपने पूरे भाषण का केंद्र पेपर लीक, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को बनाया। उन्होंने कहा कि देश में परीक्षा प्रणाली पर भरोसा लगातार कमजोर हुआ है और मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। 
राहुल गांधी की बड़ी बातें
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में करीब 7.5 करोड़ छात्र पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज पेपर लीक अपवाद नहीं बल्कि “नॉर्म” बन गया है।
उन्होंने मंच से एक ग्राफिक दिखाते हुए दावा किया कि विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की तय कीमतें चल रही हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि NEET-UG 2026 का पेपर 40 लाख रुपये तक में बिकने की बात सामने आई है और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पेपर लीक कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था यही रही तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए ईमानदारी से आगे बढ़ना मुश्किल हो जाएगा।
राहुल गांधी ने उत्तराखंड को “पेपर लीक का एपिसेंटर” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ पेपर लीक नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के भविष्य की “नीलामी” नहीं होने देगी।
उन्होंने शिक्षा के बढ़ते खर्च, बेरोजगारी और सीमित रोजगार अवसरों का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में युवाओं की समस्याएं पीछे चली गई है.
भावुक क्षण: रिया थापा (देहरादून) की आत्महत्या के मामले में उनके पिता ने दर्द साझा किया। राहुल ने उमेश और रिया जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये मौतें व्यवस्था की नाकामी हैं। छात्रों ने अपनी कहानियां साझा कीं – सालों की मेहनत पेपर लीक में बर्बाद।
भावनात्मक शुरुआत
देहरादून पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता अमर मेहता के परिवार से मुलाकात कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
भाजपा ने क्या कहा और क्या किया?
कार्यक्रम से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच आयोजन स्थल को लेकर तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिली। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द कर कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की, जबकि प्रशासन और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराया गया था और कांग्रेस “झूठा विक्टिम कार्ड” खेल रही है।
शुक्रवार को भाजपा की ओर से राहुल गांधी के भाषण पर पलटवार करते हुए उनके आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया और कहा गया कि कांग्रेस युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
चुनाव की शुरुआत का संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “छात्रों की गूंज” सिर्फ एक छात्र सम्मेलन नहीं, बल्कि 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा राजनीतिक अभियान है। कांग्रेस युवाओं, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाने की कोशिश कर रही है।




