उत्तराखण्ड
रामनगर: जलौनी लकड़ी लेने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

रामनगर। जलौनी लकड़ी लेने जंगल गई एक महिला को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, जबकि हालात की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सावल्दे पश्चिम निवासी बुक्सा समुदाय की 60 वर्षीय महिला सुखिया देवी, पत्नी चंद्रू, शुक्रवार दोपहर गांव से सटे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज के जंगल में अन्य महिलाओं के साथ जलौनी लकड़ी लेने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं के अनुसार, जब सुखिया देवी जंगल में लकड़ी बीन रही थीं, तभी घनी झाड़ियों में छिपे एक बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। देखते ही देखते बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
घटना से घबराई महिलाएं किसी तरह गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने जंगल में महिला की तलाश शुरू की। सूचना मिलते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला, उप निदेशक राहुल मिश्रा, एसडीओ अमित ग्वासकोटि, रेंजर भानु प्रसाद समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों और वनकर्मियों ने जंगल से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
महिला की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बबलिया वन चौकी के पास मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बाघों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और हर वर्ष कई लोग जान गंवा रहे हैं, लेकिन वन विभाग अब तक ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस और प्रभावी व्यवस्था नहीं कर पाया है।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस क्षेत्राधिकारी सुमित पाण्डे और कोतवाल सुशील कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। वहीं, पहले से रामनगर में मौजूद एसएसपी मंजूनाथ टीसी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने गुस्साए ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।




