उत्तराखण्ड
अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला: 4.80 करोड़ रुपये के फर्जी लोन मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
देहरादून। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी गणेश जैन बैंक में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था और वर्तमान में दिल्ली स्थित एक बैंक में आईटी ऑफिसर के पद पर काम कर रहा था।
मामला तब सामने आया जब अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम ने 15 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार बैंक द्वारा कराए गए फोरेंसिक ऑडिट में वर्ष 2013 से 2016 के बीच बैंक के लेखा अभिलेखों और लेजर प्रविष्टियों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में आरोप सामने आया कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक महावीर सिंह ने बैंक के सॉफ्टवेयर इंजीनियर गणेश जैन और अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी प्रविष्टियां कीं तथा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैंक से करोड़ों रुपये की धनराशि निकालकर बैंक को भारी नुकसान पहुंचाया।
इस मामले में कोतवाली नगर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 20 जेसीबी मशीनों की खरीद के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 4 करोड़ 80 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था, जबकि आरोप है कि इस धनराशि का गबन कर लिया गया।
मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तत्कालीन बैंक प्रबंधक महावीर सिंह को 11 जून 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं अब इस मामले में नाम सामने आने पर गणेश जैन को 17 जून को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गणेश जैन (52 वर्ष) पुत्र महेश चंद निवासी सेक्टर-99, गुरुग्राम (हरियाणा) के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता चंदर नगर, देहरादून बताया गया है।
जांच एजेंसियां मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही हैं। बैंक घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की भी जांच जारी है।




