उत्तराखण्ड
देहरादून में 1.65 करोड़ की प्रॉपर्टी ठगी का खेल! एक ही संपत्ति दो बार बेचकर करोड़ों डकारने का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
देहरादून में 1.65 करोड़ की प्रॉपर्टी ठगी का खेल! एक ही संपत्ति दो बार बेचकर करोड़ों डकारने का आरोप, आरोपी गिरफ्ताररोड़ों डकारने का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
देहरादून में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ही संपत्ति को पहले एक व्यक्ति को बेच दिया गया और बाद में उसी संपत्ति के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे व्यक्ति को भी बेच दिया गया। इस पूरे खेल में 1 करोड़ 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार बलवीर रोड निवासी विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि हरिद्वार रोड स्थित अरिहंत टावर की पांचवीं मंजिल पर मौजूद संपत्ति के दस्तावेज दिखाकर उनसे 1 करोड़ 65 लाख रुपये लिए गए। बाद में जांच-पड़ताल करने पर उन्हें पता चला कि यही संपत्ति पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मामले में नामजद आरोपी संजय जैन को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी की हरिद्वार स्थित लगेज बैग फैक्ट्री लगातार घाटे में चल रही थी और उस पर भारी कर्ज हो गया था। आरोप है कि कर्ज के बोझ से निकलने के लिए वर्ष 2024 में अरिहंत टावर स्थित संपत्ति को निशांत गर्ग नामक व्यक्ति को बेच दिया गया था। इसके बावजूद आर्थिक संकट खत्म नहीं हुआ तो उसी संपत्ति के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर वर्ष 2025 में उसे दोबारा विनोद प्रकाश अग्रवाल को 1 करोड़ 65 लाख रुपये में बेच दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है। पूछताछ के दौरान कुछ और नाम प्रकाश में आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 65 वर्षीय संजय जैन निवासी इंदर रोड, देहरादून के रूप में हुई है।
यह मामला एक बार फिर प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। करोड़ों रुपये के सौदे से पहले संपत्ति के स्वामित्व, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और कानूनी स्थिति की स्वतंत्र जांच कराना बेहद जरूरी है, अन्यथा जीवनभर की कमाई कुछ कागजों के खेल में फंस सकती है।




