उत्तराखण्ड
हरिद्वार:‘न्याय संहिता प्रदर्शनी’ में 24 स्कूलों के 2000 विद्यार्थियों ने जाना नए कानूनों का सच
उत्तराखंड पुलिस द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय “न्याय संहिता प्रदर्शनी” के दूसरे दिन हरिद्वार में उत्साह और जागरूकता का अनोखा संगम देखने को मिला। 7 से 11 मार्च तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में दूसरे दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने पहुंचकर नए आपराधिक कानूनों और न्याय व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
प्रदर्शनी का आकर्षण तब और बढ़ गया जब सीबीआई शाखा देहरादून के डीआईजी मनीष वी. सुर्ति के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने कार्यक्रम का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न तकनीकी स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक और कारागार विभाग द्वारा आधुनिक न्याय प्रणाली को समझाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से नागरिकों, विद्यार्थियों और अधिवक्ताओं को नई न्याय संहिताओं की संरचना और उनके व्यवहारिक प्रभावों को समझने में बड़ी मदद मिलती है।
प्रदर्शनी में हरिद्वार जनपद के करीब 24 विद्यालयों के लगभग 2000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्सर, पीएम श्री विद्यालय खानपुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस विद्यालय अलीपुर, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेड़ी कला, कृपाल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आनंदमयी सेवा सदन और ऑक्सफोर्ड स्कूल सहित कई विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
विद्यार्थियों ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों को सरल और रोचक माध्यमों से समझा। साथ ही उन्हें साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और बच्चों से संबंधित अपराधों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित लाइव नाट्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को खूब प्रभावित किया। कहानियों और नाटकीय दृश्यों के माध्यम से कानून की अहम धाराओं और नागरिक अधिकारों को समझाया गया, जिससे उपस्थित लोग अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक नजर आए।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी भाग लिया। कुल मिलाकर करीब 3000 लोगों की सहभागिता से कार्यक्रम जनजागरूकता का प्रभावी मंच बन गया।
आगंतुकों ने उत्तराखंड पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उत्तराखंड पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस प्रदर्शनी में पहुंचकर नई न्याय संहिताओं की जानकारी प्राप्त करें और कानून की समझ को मजबूत




