उत्तराखण्ड
हरेला पर्व पर 204 नेचर गाइडों को मिले प्रमाण-पत्र, मुख्यमंत्री धामी बोले— इको-टूरिज्म से युवाओं को मिल रहे रोजगार के नए अवसर
रामनगर। हरेला पर्व के अवसर पर तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के वन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए फाटो एवं हाथी डंगर इको-टूरिज्म जोन में कार्यरत 204 नेचर गाइडों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और प्रशिक्षित नेचर गाइडों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि फाटो और हाथी डंगर इको-टूरिज्म जोन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन के उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इको-टूरिज्म को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षित नेचर गाइड न केवल उत्तराखंड पर्यटन को नई पहचान देंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी आम लोगों तक पहुंचाएंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामनगर विधानसभा के विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 204 नेचर गाइडों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित नेचर गाइडों का ज्ञान, व्यवहार और स्थानीय जानकारी पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएगी तथा क्षेत्र में इको-टूरिज्म को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने सभी गाइडों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर प्रकाश चन्द्र आर्य (प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग), मनीष जोशी (प्रभागीय वनाधिकारी, अतिरिक्त भूमि संरक्षण), संदीप गिरी (उप प्रभागीय वनाधिकारी), श्रीमती किरण साह (उप प्रभागीय वनाधिकारी, रामनगर) तथा मदन जोशी सहित वन विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित नेचर गाइडों को प्रमाणित कर इको-टूरिज्म को सशक्त बनाना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित यह पहल पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




