उत्तराखण्ड
रामनगर में समाजवादी लोक मंच का प्रदर्शन, NTA, नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई कई मांगें

रामनगर (नैनीताल)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में रविवार को रामनगर के लखनपुर चौक पर समाजवादी लोक मंच ने धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान मंच के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), नई शिक्षा नीति (NEP-2020) तथा शिक्षा के निजीकरण सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।
प्रदर्शनकारियों ने NTA को समाप्त करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने तथा पूर्व-प्राथमिक से परास्नातक स्तर तक निशुल्क, समान, वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण और मातृभाषा में शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने शिक्षा के मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन की अपील भी की।
धरने को संबोधित करते हुए समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। उनका आरोप था कि शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि विकसित देशों की तुलना में भारत में शिक्षा पर सरकारी व्यय कम है। उनके अनुसार, शिक्षा पर सरकारी बजट बढ़ाकर इसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 10 प्रतिशत तक किया जाना चाहिए, ताकि सभी को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन घटनाओं से युवाओं में असंतोष बढ़ा है। साथ ही उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र करते हुए सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की।
धरने के अंत में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।
यह प्रदर्शन समाजवादी लोक मंच द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें संगठन ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।




