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उत्तराखण्ड

रिनेसां में सजा पारंपरिक स्वाद का उत्सव, बच्चों ने दादी-नानी की रसोई को दिया नया मंच


रामनगर/पीरूमदारा। परंपरा, पीढ़ियों के अनुभव और प्रकृति से जुड़े ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अनूठी पहल के तहत नेचर साइन्स इनिशिएटिव द्वारा मंगलवार 22 अप्रैल को रिनेसां कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट, पीरूमदारा में “पारंपरिक व्यंजन महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमालयन सस्टैनेबिलिटी चैंपियनशिप के अंतर्गत रॉयल एनफील्ड के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस खास आयोजन में उत्तराखंड के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ भाग लेकर पारंपरिक व्यंजनों की विरासत को जीवंत कर दिया। बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़े व्यंजन स्वयं तैयार कर प्रस्तुत किए, जिनमें स्वाद, पोषण और संस्कृति की अनूठी झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पहाड़ों की रसोई में पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय अनाज, जड़ी-बूटियों और व्यंजन विधियों को सामने लाना था। महोत्सव में कुल 23 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें अंतिम चरण में साझा मंच पर प्रस्तुति का अवसर दिया गया।
व्यंजनों का मूल्यांकन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल शेफ अक्षीश सेमवाल, राजेश भट्ट और अनीता आनंद ने किया। निर्णायकों ने केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि व्यंजनों की पौष्टिकता, भौगोलिक महत्व और पारंपरिक संदर्भों के आधार पर भी प्रतिभागियों का आकलन किया।
निर्णायकों ने कहा कि पारंपरिक भोजन केवल भोजन नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी, जलवायु और संस्कृति का जीवंत दस्तावेज है। जब बच्चे इन व्यंजनों को सीखते हैं, तो वे अपनी जड़ों से जुड़ने की कला भी सीखते हैं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि तेजी से बदलती खानपान संस्कृति के दौर में पारंपरिक व्यंजनों की विरासत न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करती है।
रिनेसां कॉलेज के संयोजक आलोक गुसाईं और निदेशक कुणाल मदान ने प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि संस्कृति को बचाने के सबसे प्रभावी माध्यमों में भाषा और व्यंजनों का संरक्षण शामिल है। उन्होंने कहा कि बच्चों का यह प्रयास भविष्य में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगा।
नेचर साइन्स इनिशिएटिव की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सौम्या प्रसाद ने बताया कि युवाओं को प्रकृति, परंपरा और स्थायी जीवनशैली से जोड़ने के लिए इस प्रकार के आयोजन आगे भी जारी रहेंगे।

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