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उत्तराखण्ड

जमीन के नाम पर करोड़ों का खेल! पहाड़ के भोले लोगों और फौजियों को बनाता था शिकार, 27 मुकदमों वाला शातिर जालसाज गिरफ्तार


देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जमीन के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। सस्ती जमीन दिलाने का सपना दिखाकर पहाड़ के भोले-भाले लोगों, फौजियों और दूसरे राज्यों में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों को जाल में फंसाने वाले एक कथित शातिर भू-माफिया को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर जमीन धोखाधड़ी के 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
इस पूरे मामले में पुलिस ने 20 हजार के इनामी आरोपी प्रदीप सकलानी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।

30 लाख लेकर बेच दी किसी और की जमीन

मामला थाना रायपुर क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता विक्रम सिंह निवासी अधोईवाला, देहरादून ने 15 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि अभय कुमार, प्रदीप सकलानी और अजय सजवाण ने उन्हें ग्राम सौंडा सरोली, परगना परवादून स्थित जमीन दिखाकर उसे बेचने का झांसा दिया।
आरोप है कि आरोपियों ने दावा किया कि जमीन उनके परिचितों की है और उन्हें बेचने का अधिकार प्राप्त है। इसके लिए बाकायदा फर्जी अनुबंध पत्र तैयार किए गए और पीड़ित से 30 लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए गए।
बाद में जांच में सामने आया कि जिन लोगों को जमीन का मालिक बताया गया था, वे असली मालिक ही नहीं थे और वास्तविक मालिकों ने आरोपियों को जमीन बेचने का कोई अधिकार नहीं दिया था।

पैसा मांगा तो चेक भी निकले फर्जी

पीड़ित जब अपनी रकम वापस मांगने पहुंचा तो उसे दिए गए चेक भी बाउंस हो गए। इसके बाद मामला धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का बन गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हर दो-तीन महीने में अपना ठिकाना बदल रहा था।

पुलिस से बचने के लिए बदलता था ठिकाना

जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी का सौदा करने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद कार्रवाई करते हुए 21 मई 2026 को एकता कॉलोनी डालनवाला से प्रदीप सकलानी और अजय सजवाण को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लगातार किराए के मकानों में रह रहा था और हर कुछ महीनों में ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।

ऐसे चलता था “जमीन ठगी” का खेल

जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था।
उसका तरीका कुछ इस तरह था—
खुद को पहाड़ी मूल का बताकर विश्वास जीतना
फौजियों और बाहर रह रहे उत्तराखंडियों को टारगेट करना
सस्ती दरों पर जमीन दिलाने का लालच देना
दूसरे की जमीन को अपनी या परिचित की बताना
फर्जी कागज और अनुबंध तैयार करना
मोटी रकम लेने के बाद गायब हो जाना
3 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले भी सामने
प्रदीप सकलानी के खिलाफ सिर्फ यह एक मामला नहीं है। जांच के मुताबिक आरोपी नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के तीन अन्य मामलों में भी वांछित था, जिनमें 3 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है।
आरोपी और उसके गिरोह के खिलाफ पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।

27 मुकदमे, दर्जनों एनआई एक्ट केस

आरोपी प्रदीप सकलानी के खिलाफ देहरादून के अलग-अलग थानों में भूमि धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और गैंगस्टर एक्ट के तहत 27 मुकदमे दर्ज हैं।
इसके अलावा आरोपी के खिलाफ एनआई एक्ट (चेक बाउंस मामलों) के भी दो दर्जन से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में लंबित बताए जा रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपी
1. प्रदीप सकलानी (42 वर्ष)
निवासी – पशुपति हाईट्स, बंजारावाला, देहरादून
2. अजय सजवाण
निवासी – रायपुर, देहरादून

देहरादून में जमीन के नाम पर करोड़ों के खेल की यह कहानी एक बार फिर बड़ा सवाल छोड़ रही है— आखिर लोगों की जिंदगी भर की जमा पूंजी फर्जी कागजों के भरोसे कैसे निकल जाती है? जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है।

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