उत्तराखण्ड
रामनगर में मिशन मैनेजर की बड़ी लापरवाही पर कार्रवाई! सीडीओ का सख्त रुख – तीन दिन में जवाब नहीं तो बढ़ेगी मुश्किल
रामनगर से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहां विकास कार्यों में लापरवाही अब भारी पड़ती दिख रही है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने विकासखंड रामनगर में तैनात ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर गंभीर आरोपों को लेकर कड़ा कदम उठाया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
बताया जा रहा है कि ब्लॉक मिशन प्रबंधक की कार्यशैली पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब मामला इतना बिगड़ गया कि सीडीओ को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा। आरोप है कि क्लस्टर लेवल फेडरेशन के गठन में भारी लापरवाही बरती गई, जिससे एक ही क्लस्टर में दो-दो अध्यक्ष बन गए और पूरा सिस्टम विवादों में घिर गया।
“दो अध्यक्ष, एक क्लस्टर – जिम्मेदार कौन?”
यही सवाल अब प्रशासन के सामने खड़ा है। इस गड़बड़ी ने न सिर्फ योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित किया, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं के बीच भी असमंजस और नाराजगी पैदा कर दी।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है।
महिलाओं ने ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं, वहीं धनराशि के मनमाने वितरण की शिकायतें भी सामने आई हैं। यानी सवाल सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर भी उठने लगे हैं।
तीन दिन की मोहलत – वरना अगला कदम तय!
सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ब्लॉक मिशन प्रबंधक तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो आगे की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
क्या यह सिर्फ एक अधिकारी की लापरवाही है या फिर पूरे सिस्टम में कहीं गड़बड़ी गहरी है?
रामनगर में उठे इस विवाद ने विकास योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।




