उत्तराखण्ड
नैनीताल में ‘गुंडों’ पर प्रशासन का वार, 9 बदर—कुछ पुराने खिलाड़ी, कुछ नए चेहरे, रिकॉर्ड सबका भारी
नैनीताल जिले में अपराध पर लगाम कसने के दावे के बीच जिला प्रशासन ने एक साथ 9 आरोपियों को गुंडा एक्ट में जिला बदर कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल के आदेश के बाद इन सभी को 6 महीने के लिए जनपद की सीमा से बाहर रहने को कहा गया है। कागजों में इनका आपराधिक इतिहास लंबा-चौड़ा है, और प्रशासन का दावा है कि इनकी गतिविधियों से इलाके में खौफ का माहौल बन रहा था।
जिला बदर किए गए आरोपियों में राहुल पुत्र रमेश निवासी बंबाघेर, थाना रामनगर शामिल है, जिस पर जुआ अधिनियम के 7 और गैंगस्टर एक्ट का 1 मुकदमा दर्ज है। संजय आर्य पुत्र रमेश चंद्र निवासी बागजाला, थाना काठगोदाम पर आबकारी, एनडीपीएस और आईपीसी के कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं, जो उसे पुराने और सक्रिय अपराधियों की कतार में खड़ा करते हैं। अनुज राज सिंह पुत्र रमेश सिंह निवासी चोरपानी, थाना रामनगर के खिलाफ आईपीसी के 4 और शस्त्र अधिनियम का 1 मुकदमा है।
शाहिद पुत्र मोहम्मद रफी निवासी खताड़ी, रामनगर पर आईपीसी के 4 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कौशल चिलवाल पुत्र राजेंद्र चिलवाल निवासी इंदिरा कॉलोनी, रामनगर के खिलाफ आईपीसी के 5 मुकदमे दर्ज हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र से सलमान पुत्र रईस अहमद का नाम भी सूची में है, जिस पर आर्म्स एक्ट, आईपीसी और एनडीपीएस के कई मुकदमे दर्ज हैं, जो उसे नशा और हथियार दोनों नेटवर्क से जोड़ते हैं। मोहसिन पुत्र नासिर निवासी पप्पू का बगीचा, बनभूलपुरा पर एनडीपीएस के कई मुकदमे हैं, जो इलाके में नशे के कारोबार की परतें खोलते हैं।
इसी कड़ी में शादाब पुत्र सज्जाद निवासी बनभूलपुरा पर आर्म्स एक्ट और आईपीसी के 7 मुकदमे दर्ज हैं। प्रदीप सागर अमन पुत्र पूरनचंद सागर निवासी लामाचौड़, थाना मुखानी पर एनडीपीएस, आबकारी और आईपीसी के 9 मुकदमे दर्ज हैं, जो उसे बहु-आयामी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाते हैं।
इन सभी के खिलाफ प्रशासन ने यह मानते हुए कार्रवाई की कि इनकी मौजूदगी से इलाके में असुरक्षा और दबदबा कायम हो रहा था। लेकिन सवाल यही है कि इतने मुकदमों के बावजूद ये चेहरे अब तक खुले में कैसे घूम रहे थे और आखिरकार गुंडा एक्ट की कार्रवाई अब क्यों करनी पड़ी?
इसी कार्रवाई के बीच प्रशासन ने 5 आरोपियों को राहत भी दी है, जिनमें शनि बाबू पुत्र राम सुरेश बाबू निवासी निर्मल कॉलोनी, लालकुआं, संजय बिनवाल पुत्र कुंदन सिंह निवासी राजीव नगर, थाना लालकुआं, हिमांशु शाही पुत्र गौरव शाही निवासी दुगई स्टेट, थाना भवाली, सूरज कुमार पुत्र कालूराम निवासी देवलचौड़ और मोहम्मद आबिद पुत्र शब्बीर निवासी थाना कालाढूंगी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ गुंडा एक्ट के नोटिस निरस्त कर दिए गए हैं, यह कहते हुए कि इनके व्यवहार में सुधार पाया गया।
एक तरफ 9 लोगों को जिले से बाहर का रास्ता दिखाया गया, दूसरी तरफ 5 को क्लीन चिट दी गई—यह कार्रवाई कानून के डंडे और राहत के तराजू के बीच संतुलन की तस्वीर जरूर पेश करती है, लेकिन यह भी साफ करती है कि नैनीताल में अपराध की जड़ें कितनी गहरी हैं, जिन्हें अब जाकर खोदने की कोशिश की जा रही है।




