उत्तराखण्ड
ईरान युद्ध के खिलाफ रामनगर में गुस्सा, गैस संकट और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन
ईरान युद्ध के खिलाफ रामनगर में गुस्सा, गैस संकट और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन
रामनगर में अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर गुस्सा अब यहां के लोगों में दिखाई देने लगा है। अमेरिका-इसराइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े संगठनों ने गुरुवार को तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने युद्ध में मारे जा रहे मासूमों के खिलाफ आवाज उठाते हुए “युद्ध नहीं, शांति चाहिए” के नारे लगाए और वैश्विक संकट के लिए अमेरिका-इसराइल गठजोड़ को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस युद्ध का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। समुद्री रास्ते बाधित होने से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रामनगर सहित कई इलाकों में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत है, बुकिंग के दिनों बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे और एजेंसियों का बैकलॉग लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शनकारी उपजिलाधिकारी आवास पहुंचे और उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के माध्यम से प्रधानमंत्री, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री और विदेश मंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में साफ कहा गया कि संसद में दिये गए आश्वासनों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर हैं और गैस वितरण के नए नियमों ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि व्यावसायिक गैस की बिक्री पर प्रतिबंध से कैंटीन, हॉस्टल, पीजी, ढाबे, होटल और छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। इससे लाखों श्रमिकों का रोजगार खतरे में पड़ गया है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने व्यावसायिक गैस पर लगे प्रतिबंध को हटाने, बढ़े हुए दाम वापस लेने और प्रभावित श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
इसके साथ ही खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए।
धरना-प्रदर्शन में संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी, चिंताराम, तहसीन खान टीके, समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार, गिरीश चंद्र, जमनराम, बी.डी. नैनवाल, इंकलाबी मजदूर केंद्र के महासचिव रोहित रुहेला, भुवन चंद्र, महिला एकता मंच की कौशल्या चुन्याल, सरस्वती जोशी, ममता देवी, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की गीता देवी, प्रगतिशील जन एकता मंच के लालमणी, आइसा के सुमित, पछास के रवि, नई बस्ती पूछड़ी की ग्राम प्रधान अंजलि रावत और देवभूमि व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।




