उत्तराखण्ड
रामनगर में बड़ी कार्रवाई: कोसी कैफे होमस्टे सीज, नाबालिगों के मामले में SSP नैनीताल सख्त
रामनगर क्षेत्र के कानिया स्थित कोसी कैफे होमस्टे पर नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया है, साथ ही उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति संबंधित विभाग को भेज दी गई है। नाबालिगों से जुड़े गंभीर प्रकरण में यह कार्रवाई SSP नैनीताल के निर्देश पर की गई।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 18 अप्रैल 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर थाना रामनगर में एफआईआर संख्या 115/2026 एवं 116/2026 दर्ज की गई थी। इसके बाद गुमशुदा नाबालिगों की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना पर दोनों नाबालिगों को उक्त होमस्टे के कमरों से बरामद किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 137(2), 64(1), 65(1) बीएनएस तथा 3/4 पोक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड लिया गया।
रजिस्टर में एंट्री नहीं, आईडी तक नहीं ली गई
जांच में सामने आया कि होमस्टे संचालक द्वारा वहां ठहरे लोगों की एंट्री आगंतुक रजिस्टर में दर्ज नहीं की गई, न ही किसी प्रकार की पहचान पत्र प्रक्रिया अपनाई गई। निरीक्षण के दौरान कमरों से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई।
मैनेजर पर भी गंभीर आरोप
पुलिस विवेचना में पीड़िताओं, गवाहों और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि होमस्टे मैनेजर भास्कर जोशी ने नाबालिगों के आने की सूचना दर्ज नहीं की और पहचान पत्र भी नहीं लिए। इससे स्पष्ट हुआ कि होमस्टे का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और गंभीर अपराधों के लिए किया जा रहा था।
लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति
यह होमस्टे जिला पर्यटन अधिकारी नैनीताल द्वारा पंजीकृत बताया गया है, जबकि वर्तमान में इसका संचालन मो. अदनान द्वारा किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने होमस्टे को सीज कर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भेज दी है।
सवाल भी खड़े हुए
रामनगर जैसे पर्यटन क्षेत्र में अगर बिना आईडी, बिना रजिस्टर और बिना निगरानी के होमस्टे चल रहे हैं, तो यह सिर्फ नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब देखने वाली बात होगी कि ऐसे और कितने ठिकानों पर कार्रवाई होती है।




