उत्तराखण्ड
नैनीताल में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 35 शस्त्र लाइसेंस रद्द, नियम तोड़े तो हथियार रखना पड़ेगा
हल्द्वानी | 07 फरवरी 2026
जनपद में शस्त्र लाइसेंस रखने वालों के लिए यह खबर चेतावनी भी है और सबक भी। प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है — लाइसेंस जेब में रखना काफी नहीं, सिस्टम में अपडेट होना भी जरूरी है। राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस पोर्टल के नियमों की अनदेखी करने पर जिले के 35 शस्त्र लाइसेंस सीधे निरस्त कर दिए गए हैं।
यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल द्वारा की गई समीक्षा के बाद हुई। जांच में पाया गया कि संबंधित लाइसेंस धारकों ने अपने शस्त्र लाइसेंस का UIN (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) पंजीकरण नहीं कराया, जबकि इसे केंद्र सरकार द्वारा अनिवार्य किया जा चुका है।
“लाइसेंस अधिकार नहीं, जिम्मेदारी है”
प्रशासन का रुख साफ है — शस्त्र लाइसेंस कोई शौक की चीज़ नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व है। डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट न करना सीधे तौर पर शस्त्र अधिनियम और शासन के निर्देशों का उल्लंघन माना गया।
सूत्रों के अनुसार, लाइसेंस धारकों को कई बार सूचना और मौका दिया गया, लेकिन लापरवाही जारी रही। आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लाइसेंस निरस्त कर दिए।
संदेश साफ: सिस्टम में नहीं, तो लाइसेंस भी नहीं
यह कार्रवाई सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़ा कदम है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा और अवैध शस्त्रों पर नियंत्रण के लिए डिजिटल निगरानी जरूरी है। जो लोग पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं, वे सुरक्षा व्यवस्था के लिए रिस्क माने जा रहे हैं।
अब क्या करें लाइसेंस धारक?
जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी जारी की है:
UIN पंजीकरण कराएं
लाइसेंस नवीनीकरण समय पर करें
सभी विवरण राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस पोर्टल पर अपडेट रखें
वरना अगली सूची में नाम आने में देर नहीं लगेगी।
संकेत साफ है — बंदूक से पहले नियमों को संभालिए, वरना लाइसेंस इतिहास बन जाएगा।




