उत्तराखण्ड
नैनीताल में विरासत और राजस्व मामलों के निस्तारण में बड़ी सफलता, हजारों लोगों को राहत
नैनीताल/हल्द्वानी, 1 फरवरी 2026। जिले में लंबे समय से लंबित पड़े निर्विवाद विरासत नामांतरण और अन्य राजस्व प्रकृति के विवादों के निस्तारण में बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। ललित मोहन रयाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान से आम लोगों को तेज़ और सीधी राहत मिल रही है।
चौपाल मॉडल से तेज़ निस्तारण
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को गांव-गांव चौपाल लगाकर मामलों का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए थे। इसी पहल का असर है कि 29 जनवरी 2026 तक 7070 निर्विवाद विरासत नामांतरण प्रकरणों का सफल निस्तारण कर लिया गया है। शासन स्तर पर भी इस पहल की सराहना की जा रही है।
तहसीलवार प्रगति (निर्विवाद विरासत नामांतरण)
नैनीताल तहसील – 2237 प्रकरण
हल्द्वानी – 728
रामनगर – 1280
कालाढूंगी – 767
धारी – 695
श्री कैंचीधाम – 405
लालकुआं – 335
बेतालघाट – 298
खनस्यू – 325
अन्य राजस्व विवादों का भी समाधान
जिले में प्राप्त 1640 राजस्व प्रकृति के मामलों में से 1473 का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें शामिल हैं:
मार्गों पर अतिक्रमण – 142 में से 131 मामले निस्तारित
सिंचाई गूल अतिक्रमण – 20 में से 11
सार्वजनिक मार्ग/नहर अतिक्रमण – 62 में से 54
पैमाइश मामले – 1011 में से 921
मेढ़ व खेत सीमा विवाद – 121 में से 106
कुर्रा नक्शा – 73 में से 53
नाम संशोधन – 84 में से 81
अन्य राजस्व प्रकरण – 127 में से 116
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
बीते महीनों में सरकारी भूमि से लगभग 200 अतिक्रमण भी हटाए गए हैं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और उपयोग सुनिश्चित हुआ है।
जनता का बढ़ा भरोसा
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इन प्रयासों से जिले में राजस्व और नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता, गति और भरोसा बढ़ा है। ग्रामीण स्तर पर चौपाल के जरिए मौके पर समाधान मिलने से लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत मिली है।
कुल मिलाकर, नैनीताल जिला विरासत और राजस्व मामलों के तेज़ निस्तारण में एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है।




