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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में हाथी गणना अभियान की समीक्षा, कॉर्बेट पहुंचे प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव)

रामनगर। उत्तराखंड में हाथियों की आबादी, उनके वितरण और आवागमन क्षेत्रों के वैज्ञानिक आकलन के लिए चल रहे राज्यव्यापी हाथी गणना अभियान की प्रगति की समीक्षा शुक्रवार को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में की गई। इस दौरान प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तराखंड विवेक पांडे ने गणना कार्य की गुणवत्ता और वैज्ञानिक मानकों के अनुपालन का जायजा लिया।

वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के संयुक्त तत्वावधान में 20 मई से 5 जून 2026 तक राज्यभर में हाथी गणना कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अभियान में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के प्रत्येक रेंज में शोधकर्ताओं की टीमों के साथ वन विभाग के कर्मचारी भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 मई को आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न वन प्रभागों में चल रहे हाथी गणना कार्य की प्रगति, कार्यप्रणाली और फील्ड स्तर पर किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत परीक्षण किया गया। बैठक में पूर्व में संपन्न हाथी गणनाओं के आंकड़ों और अभिलेखों का भी अवलोकन किया गया तथा उन क्षेत्रों की विशेष समीक्षा की गई, जहां पिछली गणना के दौरान हाथियों की उपस्थिति दर्ज की गई थी।
अधिकारियों ने वर्तमान गणना में हाथियों के देखे जाने वाले क्षेत्रों, उनके आवागमन मार्गों और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शोधकर्ताओं को गणना कार्य निर्धारित वैज्ञानिक मानकों एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप संपन्न कराने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद विवेक पांडे ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विभिन्न वन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने फील्ड में चल रहे हाथी गणना कार्य का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और डेटा संकलन एवं फील्ड मॉनिटरिंग की समीक्षा की। उन्होंने गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, शुद्धता और वैज्ञानिकता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
बैठक में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा (IFS), तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य (IFS), रामनगर वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया (IFS), पार्क वार्डन बिंदर पाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार नवासकोटी, उप प्रभागीय वनाधिकारी कामिनी आर्या, भारतीय वन्यजीव संस्थान के शोधकर्ता मुकेश चंद्र सहित विभिन्न वन प्रभागों और विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
अंत में प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) ने विश्वास व्यक्त किया कि वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त प्रयासों से हाथियों की सटीक एवं वैज्ञानिक गणना सुनिश्चित होगी, जिससे राज्य में हाथी संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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