उत्तराखण्ड
देहरादून में ‘हिमाद्रि’ की धूम: आइस रिंक की पहली सालगिरह पर CM धामी का बड़ा ऐलान, खेलों को मिलेगा नया बूस्ट

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में मंगलवार को हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत करते हुए इस अत्याधुनिक आइस रिंक को देश और प्रदेश की शान बताया और खेलों के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हिमाद्रि” देश की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक है, जो न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय बन चुकी है। उन्होंने बताया कि करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार कर इसे दोबारा खिलाड़ियों के लिए तैयार किया गया।
हिमाद्रि आइस रिंक: एक साल में बनी इंटरनेशनल हब
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बीते एक साल में हिमाद्रि आइस रिंक ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है। इनमें नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, आइस हॉकी लीग और खास तौर पर एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी शामिल है, जिसमें 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
उन्होंने इसे उत्तराखंड के लिए “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताते हुए कहा कि अब यह रिंक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी से चलेगी आइस रिंक
सरकार ने आइस रिंक के संचालन के लिए 1 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट भी स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि खेलों के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ से 8 शहरों में खुलेंगी 23 अकादमियां
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में जल्द ही ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा। इसके तहत:
8 प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां खोली जाएंगी
हर साल 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे
इसके अलावा हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
खिलाड़ियों को मिलेगा सीधा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के तहत अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का लाभ भी दिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के जरिए खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
“देवभूमि से अब ‘खेलभूमि’ बनेगा उत्तराखंड”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर उत्तराखंड ने नया इतिहास रचा है और अब राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
हिमाद्रि आइस रिंक की पहली सालगिरह सिर्फ एक जश्न नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल भविष्य की मजबूत नींव का संकेत है। सरकार के बड़े ऐलान और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं साफ इशारा कर रही हैं कि आने वाले समय में उत्तराखंड खेलों के नक्शे पर और मजबूती से उभरेगा।




