उत्तराखण्ड
देहरादून में 20 लाख की कोकीन बरामद, दो विदेशी नागरिक समेत तीन गिरफ्तार
देहरादून। राजधानी देहरादून में नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान थाना राजपुर क्षेत्र से दो अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सूडान के दो नागरिक भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से कुल 20.92 ग्राम कोकीन बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार 2 जून को राजपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास एक स्कूटी से दो विदेशी नागरिकों को 9.15 ग्राम कोकीन के साथ पकड़ा गया। वहीं ओल्ड मसूरी रोड स्थित सीआईएसएफ तिराहे के पास एक कार से जावेद आलम नामक व्यक्ति को 11.77 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार विदेशी नागरिकों की पहचान माइकल इक्का मेकसन (25 वर्ष) और लेविकिरी वानिकी (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सूडान के निवासी बताए गए हैं। तीसरे आरोपी की पहचान जावेद आलम (37 वर्ष) निवासी देवबंद, सहारनपुर के रूप में हुई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी कथित रूप से एक संगठित ड्रग नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कोकीन दिल्ली से लाई गई थी और उसे देहरादून में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियों में सप्लाई करने की योजना थी। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों ने पूछताछ में कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
बरामदगी के दौरान एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पैकिंग सामग्री, एक स्कूटी और एक कार भी जब्त की गई है। तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आए अन्य संदिग्धों और ड्रग नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
मुख्य बरामदगी
20.92 ग्राम कोकीन
इलेक्ट्रॉनिक तराजू
पैकिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पन्नियां
एक स्कूटी और एक कार
बड़ा सवाल
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सामने आ रहे ड्रग्स के मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन प्रदेश तक कैसे पहुंच रही है और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क कितना बड़ा है। जांच एजेंसियों के लिए अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती होगी।




