उत्तराखण्ड
फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर शिकंजा, काशीपुर के दो लोग गिरफ्तार, कई अवैध हथियार बरामद
रुद्रपुर/काशीपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की जांच के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने काशीपुर से जुड़े एक मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन हथियार, आठ जिंदा कारतूस और दो कथित फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार, 11 जून की देर रात रुद्रपुर रोडवेज क्षेत्र के पास कार्रवाई करते हुए काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल और उसके चालक अमित पाल को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान एक 12 बोर पम्प एक्शन बंदूक, .30 बोर और .32 बोर की दो पिस्टल, आठ कारतूस तथा दो कथित फर्जी लाइसेंस बरामद हुए।
यह कार्रवाई उस मुकदमे की जांच के दौरान हुई, जो 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। इससे पहले 10 जून की रात काशीपुर क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए गए थे। जांच में उस वाहन का संबंध भी इसी मामले से जुड़ा पाया गया।
जांच एजेंसियों का दावा है कि बरामद वाहन को साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से पार्किंग में खड़ा किया गया था। वाहन की चाबी भी गिरफ्तार आरोपियों से बरामद होने की बात कही गई है।
एसटीएफ के मुताबिक, राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की जांच चल रही है। अब तक इस संबंध में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एजेंसी के अनुसार अब तक कुल 12 अवैध हथियार, 315 कारतूस और कई संदिग्ध लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले में यह भी एक बड़ा सवाल है कि यदि फर्जी या संदिग्ध लाइसेंसों के सहारे हथियार वर्षों से संचालित हो रहे थे, तो सत्यापन और निगरानी व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी




