उत्तराखण्ड
नैनीताल में ‘आपदा का रिहर्सल’… एक साथ भूस्खलन, नाव हादसा, बाघ हमला और भगदड़! प्रशासन ने दिखाई चौकन्नी तैयारी
नैनीताल में ‘आपदा का रिहर्सल’… एक साथ भूस्खलन, नाव हादसा, बाघ हमला और भगदड़! प्रशासन ने दिखाई चौकन्नी तैयारी
नैनीताल:
जनपद नैनीताल में आज एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने कुछ देर के लिए लोगों की सांसें थाम दीं। भूस्खलन, नाव पलटना, बाघ का हमला, मंदिर में भगदड़ और बस हादसा—एक साथ कई बड़ी घटनाओं की सूचनाएं सामने आईं। हालांकि यह कोई असली आपदा नहीं, बल्कि पूर्व अभ्यास अभियान (मॉकड्रिल) था, जिसमें प्रशासन ने अपनी तैयारियों का दम दिखाया।
मल्लीताल के चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत ग्राउंड जीरो के लिए रवाना हो गया। इसी बीच बोट हाउस क्लब में नाव पलटने की खबर आई, जहां रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने का अभ्यास किया।
उधर कालाढूंगी के वन क्षेत्र में बाघ के हमले की सूचना ने हड़कंप मचा दिया। पुलिस और वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई, जबकि स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गया।
मामला यहीं नहीं रुका—कैंची धाम मंदिर परिसर में भगदड़ और ओखलकांडा क्षेत्र में बस के खाई में गिरने की सूचना ने पूरे सिस्टम को अलर्ट मोड पर ला दिया। राहत टीमों ने तेजी से घटनास्थलों पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया।
हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति का भी सिमुलेशन किया गया, जहां स्थानीय लोगों को तत्काल अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
इस मॉकड्रिल का मकसद साफ था—अगर एक साथ कई आपदाएं आ जाएं, तो सिस्टम कितना तैयार है?
इस अभ्यास में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मिलकर अपनी तत्परता और तालमेल का प्रदर्शन किया।
संदेश साफ है—आपदा कभी बताकर नहीं आती, लेकिन तैयारी पहले से हो तो नुकसान कम किया जा सकता है।




