उत्तराखण्ड
IPL सट्टेबाजी का ‘दुबई कनेक्शन’ बेनकाब, देहरादून में 5 गिरफ्तार — “ऑपरेशन प्रहार” में बड़ा खुलासा
IPL सट्टेबाजी का ‘दुबई कनेक्शन’ बेनकाब, देहरादून में 5 गिरफ्तार — “ऑपरेशन प्रहार” में बड़ा खुलासा
देहरादून | 08 मई 2026
उत्तराखंड में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई इस कार्रवाई में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलवा रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में दुबई से संचालित नेटवर्क और प्रतिबंधित एप्स का बड़ा खेल सामने आया है।
किराये के फ्लैट से चल रहा था पूरा खेल
बसंत विहार क्षेत्र की ऋषि विहार कॉलोनी में किराये के फ्लैट में चल रहे इस सट्टा रैकेट पर 7 मई की रात छापा मारा गया। पुलिस ने मौके पर ही 5 आरोपियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाते हुए पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए ग्राहकों को जोड़कर सट्टेबाजी करवा रहे थे।
दुबई से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क दुबई से संचालित हो रहा था। आरोपी रेडीबुक बैटिंग एप और पहले से प्रतिबंधित महादेव एप के जरिए सट्टा चला रहे थे।
आईडी और पासवर्ड दिल्ली-गुड़गांव में बैठे उनके कथित सरगना सुमित यादव द्वारा उपलब्ध कराए जाते थे, जिन्हें आगे दुबई से एक्सेस मिलता था। भारत में प्रतिबंध के बाद भी ये गिरोह विदेश से ऑपरेट होकर देशभर में सट्टेबाजी करा रहा था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने सट्टेबाजी में इस्तेमाल हो रहे कई उपकरण बरामद किए, जिनमें—
03 लैपटॉप
17 मोबाइल फोन
22 एटीएम कार्ड
एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर कनेक्शन
सट्टेबाजी से जुड़ी डिजिटल सामग्री
शामिल हैं।
इतनी बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और डिजिटल डिवाइस यह साफ संकेत दे रहे हैं कि यह कोई छोटा-मोटा खेल नहीं, बल्कि एक संगठित और बड़े स्तर का नेटवर्क था।
बैंक खातों और नेटवर्क की खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है, जिनमें करोड़ों के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इन खातों और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, साथ ही अन्य जुड़े लोगों की तलाश भी जारी है।
आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में छत्तीसगढ़ और बिहार के युवक शामिल हैं—
सुनील शर्मा (सरगुजा, छत्तीसगढ़)
संदीप गुप्ता (सरगुजा, छत्तीसगढ़)
संदीप कुमार (औरंगाबाद, बिहार)
अकरंद शर्मा (सरगुजा, छत्तीसगढ़)
अभिषेक शर्मा (सरगुजा, छत्तीसगढ़)
सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बसंत विहार में जुआ अधिनियम 1867 की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आईपीएल के नाम पर चल रहा यह सट्टे का खेल अब “गली-मोहल्ले” से निकलकर सीधे दुबई के सर्वर तक पहुंच चुका है। सवाल ये है कि जब एप्स भारत में बैन हैं, तो आखिर ये नेटवर्क किसकी नाक के नीचे फल-फूल रहा था?
“ऑपरेशन प्रहार” ने भले एक ठिकाना तोड़ दिया हो, लेकिन असली सरगना अब भी सिस्टम को चकमा देकर बाहर बैठा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंच पाती है या फिर यह भी कई मामलों की तरह फाइलों में सिमट कर रह जाएगा।




