उत्तराखण्ड
देहरादून में नए SSP प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की एंट्री,राजधानी की कानून व्यवस्था को पटरी में लाने की चुनौती
देहरादून में नए SSP प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की एंट्री, अपराधियों और अराजक तत्वों को जीरो टॉलरेंस का सख्त संदेश
देहरादून। राजधानी देहरादून की बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध के बीच शनिवार को पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव हुआ। आईपीएस अधिकारी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून का पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही नए एसएसपी ने साफ संकेत दे दिया है कि अब महिला सुरक्षा, लॉ एंड ऑर्डर और ट्रैफिक अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई होगी और अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
प्रेस वार्ता में एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि राजधानी में महिला सुरक्षा उनकी शीर्ष प्राथमिकता होगी। लगातार सामने आ रही छेड़छाड़, लूट और हत्या की घटनाओं के बीच पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों को देखते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को और अधिक सख्त और प्रभावी बनाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और हर स्तर पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नए एसएसपी ने यातायात व्यवस्था को भी बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि देहरादून की सड़कों पर जाम और ट्रैफिक अराजकता को खत्म करने के लिए ठोस और कठोर कदम उठाए जाएंगे। साथ ही पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और उनकी कार्यक्षमता सुधारने पर भी विशेष फोकस रहेगा, ताकि फील्ड में पुलिस की पकड़ मजबूत हो सके।
सबसे अहम संदेश साम्प्रदायिक सौहार्द को लेकर दिया गया। एसएसपी डोबाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि धार्मिक और साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने वाले किसी भी तत्व को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे अराजक लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में हाल के दिनों में हुई दिनदहाड़े हत्याओं और बढ़ते अपराधों के बीच नए एसएसपी की यह एंट्री कई सवालों के जवाब भी मांगती है। अब देखना होगा कि जीरो टॉलरेंस का यह सख्त संदेश जमीन पर कितना असर दिखाता है और क्या देहरादून की लड़खड़ाती कानून व्यवस्था पटरी पर लौट पाती है या नहीं।




