उत्तराखण्ड
फर्जी कागज़, करोड़ों की ज़मीन और बड़ा खेल! ‘ऑपरेशन प्रहार’ में दो शातिर चढ़े पुलिस के हत्थे
देहरादून में जमीन के नाम पर खेला जा रहा फर्जीवाड़े का बड़ा खेल आखिरकार खुल ही गया। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने दो ऐसे शातिरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए न सिर्फ जमीन हड़पी, बल्कि उसे बेचकर मोटा खेल भी कर डाला।
मामला गढ़ी कैंट निवासी संजय कुमार अग्रवाल की जमीन से जुड़ा है, जो टीएचडीसी कॉलोनी, ईस्ट होप टाउन क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि मोहन सिंह और हरिकेश सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए और फिर उसे अन्य लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कर दी। यानी असली मालिक को अंधेरे में रखकर पूरी जमीन ही बेच डाली गई।
इस गंभीर मामले में शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपी लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में शामिल थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहे थे।
इसी बीच, देहरादून में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत वांछित अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और लगातार सुरागरसी के बाद आखिरकार 11 अप्रैल 2026 को नयागांव क्षेत्र से दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन सिंह (60 वर्ष) और हरिकेश सिंह (58 वर्ष), निवासी ग्राम परवल, नयागांव, पटेलनगर के रूप में हुई है।
जमीन घोटाले के इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीनों की रजिस्ट्री कैसे हो रही है? क्या रजिस्ट्री सिस्टम में ही कहीं बड़ा छेद है या फिर यह पूरा खेल मिलीभगत से चल रहा है?
देहरादून में जमीन के बढ़ते दामों के बीच ऐसे मामलों का सामने आना न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि आम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है—कहीं आपकी जमीन पर भी कोई और तो सौदा नहीं कर रहा?
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